World Population: दुनिया मे जनसंख्या की वृद्धि को लेकर बात की जाए तो यह दिनों दिन काफी तेजी बढ़ रही है। अगर भारत की जनसंख्या को देखा जाए तो दुनियां का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन गया है। आने वाले कुछ वर्षों में दुनिया की आबादी में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी। ये दावा एक टेक एक्सपर्ट ने किया है उनके मुताबिक, करीब 275 साल बाद पूरी दुनिया में जनसंख्या घटकर सिर्फ 10 करोड़ ही रह जाएगी। आपको मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बता दें वर्तमान में पूरी दुनिया की आबादी 8 अरब यानी 800 करोड़ से ज्यादा है। जिसमें 146 करोड़ आबादी भारत की है। है। लेकिन सन् 2300 में पूरी दुनिया की आबादी तेजी से कम होनो लगेगी जो कम होते हुए सिर्फ 10 करोड़ रह जाएगी। कई रिसर्च में ये भी ये बताया गया है साल 2100 तक दुनिया की आबादी में तेज गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि 2050 के बाद दुनिया की आबादी में स्थिरता की स्थिति देखने को मिलेगी और फिर से अगले 50 साल तक धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
AI TECH एक्सपर्ट ने क्या किया दावा-
टेक एक्सपर्ट सुभाष काक ने दरअसल ये दावा किया है कि दुनिया की आबादी में जनसंख्या में यह गिरावट कहीं ज्यादा तेजी से होगी। इसके बाद साल 2300 तक तो पूरी दुनिया की जनसंख्या महज 10 करोड़ ही रह जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी बनेगा। इसकी मदद से लोग बहुत से काम निपटाएंगे। बच्चे पैदा करने की दर में भी इससे गिरावट आएगी। बता दें कि सुभाष काक ओकलाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस पढ़ाते हैं. उनका कहना है कि जनसंख्या में यह गिरावट किसी न्यूक्लियर अटैक से नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह होगी कि हमारी नौकरियों में कोई एआई रिप्लेस कर देगा.
AI करेगा इंसानों का काम-
सुभाष काक ने कहा कि यह समाज और दुनिया के लिए बेहद खतरनाक होगा। उन्होंने कहा अभी तो लोगों को शायद यह भी पता नहीं है कि आगे का रास्ता क्या है। हमें किस दिशा में बढ़ना है. सुभाष काक का कहना है कि कंप्यूटर और रोबोट भले ही संवेदनशील नहीं होंगे, लेकिन यह भी सही है कि हम जो कुछ भी काम आज कर रहे हैं. उसकी जगह एआई ले सकता है।
क्या होगी जनसंख्या में गिरावट की वजह-
टेक एक्सपर्ट सुभाष काक ने जनसंख्या में गिरावट के बारे में कहा लोग चाहेंगे कि ज्यादा बच्चे पैदा न किए जाएं, क्योंकि उन्हें बेरोजगारी का खतरा रहेगा। ऐसे में जब लोग बच्चे पैदा नहीं करेंगे तो आबादी में तेजी से गिरावट आएगी। उनका कहना है कि दुनिया की आबादी में एकदम से गिरावट आएगी। यहां तक कि पूरी पृथ्वी पर इंसानों की आबादी सिर्फ 100 मिलियन यानी 10 करोड़ ही रह जाएगी।