
दुनिया के सबसे एडवांस फाइटर जेट्स में गिने जाने वाले अमेरिका के F-35 विमान ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं. हाल ही में यह फाइटर जेट कैलिफोर्निया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अच्छी बात यह रही कि हादसे में पायलट समय रहते विमान से बाहर निकल गया और उसकी जान बच गई. इससे पहले भी यही F-35 भारत के केरल में तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग कर चुका है, जहां उसकी मरम्मत और वापसी में कई दिन लग गए थे. ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह F-35 है क्या और क्यों इसे अमेरिका की ताकत और गौरव का प्रतीक माना जाता है.
क्या है F-35?
F-35 Lightning II अमेरिका का 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है. यह जेट तीन अलग-अलग वर्जन में आता है – F-35A (एयर फोर्स के लिए), F-35B (नेवी के लिए, जो वर्टिकल टेकऑफ कर सकता है), और F-35C (एयरक्राफ्ट कैरियर पर लैंडिंग के लिए). इसका निर्माण अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin ने किया है.
क्या है खासियत?
इस लड़ाकू विमान की सबसे बड़ी खासियत है इसकी स्टील्थ तकनीक, जिसकी मदद से यह दुश्मन के रडार में आसानी से नहीं आता. इसके अलावा इसमें अत्याधुनिक सेंसर, टारगेटिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताएं होती हैं, जो इसे किसी भी आधुनिक युद्ध में बेहद खतरनाक और प्रभावशाली बनाती हैं.
F-35 की टॉप स्पीड लगभग 1.6 मैक (यानी आवाज की रफ्तार से 1.6 गुना तेज) है और यह 2200 किलोमीटर से भी अधिक की दूरी तक उड़ान भर सकता है. इसमें एक ही पायलट बैठता है, लेकिन इसके कंट्रोल्स और सिस्टम इतने एडवांस होते हैं कि पायलट को किसी अतिरिक्त सहायता की जरूरत नहीं होती.
केरल में करानी पड़ी थी इमरजेंसी लैंडिंग
भारत में यह विमान उस समय चर्चा में आया जब अमेरिका से उड़ान भरते वक्त इसमें तकनीकी खराबी आ गई और इसे केरल के कन्नूर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंड कराना पड़ा. इसकी मरम्मत के लिए अमेरिका से टीम आई थी और कई दिन बाद ही यह विमान भारत से रवाना हो पाया.
अब अमेरिका में फिर से इसके क्रैश की खबर आने से इस अत्याधुनिक विमान की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं. हालांकि अमेरिकी वायुसेना का दावा है कि F-35 अभी भी दुनिया का सबसे बेहतरीन फाइटर जेट है और उसकी क्षमताओं पर कोई शक नहीं किया जा सकता.