Lucknow News: राजधानी का कल्याण सिंह हाई स्पेशलाइज्ड कैंसर संस्थान प्रदेश का पहला ऐसा केन्द्र बन गया है, जहां पर डिजिटल पेट-सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। इससे जनपद के मरीजों को लाभ मिलेगा। ये अत्याधुनिक उपकरण शरीर के अंदर की संरचना और कोशिकीय गतिविधियों का सूक्ष्म विश्लेषण करती है, जिससे कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का सही स्थान पर पता लगाना आसान हो जाएगा। इस तकनीक से मरीजों को बेहतर इलाज और जल्दी राहत मिलेगी। निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने डिजिटल पेट-सीटी स्कैनर का उद्घाटन किया।
ऐसे करती है काम
ये एक आधुनिक मेडिकल इमेजिंग टेस्ट है, जो शरीर की संरचना और कोशिकाओं के कार्य दोनों की विस्तृत जानकारी देता है, खासकर कैंसर, हृदय रोग और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का पता लगाने और उनके इलाज की निगरानी के लिए उपयोगी होता है। इसमें एक रेडियोधर्मी पदार्थ (ट्रेसर) इंजेक्ट किया जाता है जो असामान्य (जैसे कैंसर) कोशिकाओं में जमा हो जाता है, जिससे डॉक्टर सटीक स्थान पर बीमारी का पता लगा पाते हैं।
कैंसर के मरीजों को भी राहत
संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि डिजिटल पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी-कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैनर की सहायता से कैंसर रोगियों में कीमोथेरेपी एवं रेडियोथेरेपी के प्रति रोग की प्रतिक्रिया का आकलन अधिक सटीक, विश्वसनीय एवं प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। मशीन के तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत इसे जल्द ही मरीजों की सेवा के लिए समर्पित किया जाएगा।
लेटलतीफी से मिलेगी राहत
उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से लखनऊ सहित आसपास के जनपदों के कैंसर रोगियों को पेट-सीटी की जांच के लिए अन्य सेंटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे अब जांच में होने वाली देरी टलेगी और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा। ये पहल प्रदेश में कैंसर निदान एवं उपचार सेवाओं की क्वालिटी को एक नई ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर एनपी-एनसीडी के महाप्रबंधक डॉ. आरएस यादव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डॉ. अलका शर्मा, अपर निदेशक, एनपी-एनसीडी महानिदेशालय, डॉ. नीतू शुक्ला, उप-महाप्रबंधक, एनपी-एनसीडी, नेशनल हेल्थ मिशन, संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजेन्द्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय और न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता की उपस्थिति रही।