
DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की तारीख अब नजदीक आती जा रही है। सभी छात्र संगठनों ने कमर कस ली है और जोरदार प्रचार शुरू कर दिया है। लेकिन छात्रसंघ चुनाव में आंतरिक गुटबाजी की वजह से NSUI की मुश्किल बढ़ सकती है। क्योंकि संगठन के अंदर गुटबाजी बढ़ती जा रही और इस दो केंद्रों में बांट दिया है, जिसका असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ रहा है। चुनाव से ठीक 18 दिन पहले NSUI के AICC इंचार्ज कन्हैया कुमार ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की घोषणा कर दी है।
PUSU में हार के बाद गहरा गया विवाद
वहीं, एक वरिष्ट NSUI नेता का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया है कि संगठन के अंदर दो अलग-अलग शक्ति केंद्र बन गए हैं। अगर कोई कार्यकर्ता एक गुट से बात करता है, तो दूसरा गुट उससे नाराज हो जाता है। पार्टी का यह प्रदर्शन चुनाव पर असर डाल सकता है। वहीं, एक वरिष्ठ NSUI पदाधिकारी ने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (PUSU) चुनाव में हुई हार के बाद यह विवाद और गहरा गया है। इस चुनाव में एबीवीपी अध्यक्ष पद जीता, जिसके बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने टिकट बंटवारे को हार का सबसे बड़ा कारण बताया था। साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सुमित कुमार को टिकट देना चाहते थे, लेकिन कन्हैया कुमार ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया और उन्होंने प्रभजोत सिंह को टिकट दे दिया, जो इनके लिए भारी साबित हुआ।
18 सितंबर को है छात्र संघ चुनाव
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 18 सितंबर को होने हैं, 10 सितंबर नामांकन की अंतिम तिथि थी और 11 सितंबर यानि की आज तक नाम वापस लिया जा सकेगा, आज शाम तक फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी। जहां एबीवीपी से टिकट की दावेदारी करने वाले संभावित प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर प्रचार शुरू कर दिया है। वहीं एनएसयूआई ने अभी संगठन स्तर पर कॉलेज स्तर पर अभियान शुरू किया है।