भोपाल में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया, लेकिन उसके बैग से 500-500 रुपये के 280 नकली नोट बरामद हुए। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पश्चिम बंगाल से जाली नोट लाकर भोपाल और आसपास के इलाकों में खपा रहा था। पुलिस को मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और विदेशी नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं।
सैफिया कॉलेज मैदान के पास पकड़ा गया आरोपी
कोहेफिजा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक कम कीमत पर 500 रुपये के नोट बेचने आने वाला है। पुलिस टीम ने सैफिया कॉलेज मैदान के पास घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सैफुल इस्लाम निवासी शाहपुरा भोपाल बताया। तलाशी के दौरान उसके बैग से 1.40 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। साथ ही एक आईफोन और एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया।
यूके नंबर से करता था वाट्सऐप कॉलिंग
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए आईफोन में यूके (+44) नंबर का इस्तेमाल करता था। वह अधिकतर बातचीत वाट्सऐप कॉलिंग के जरिए करता था ताकि उसकी लोकेशन और पहचान आसानी से ट्रैक न हो सके। पुलिस को उसके मोबाइल और बैंकिंग ट्रांजेक्शन में कई संदिग्ध गतिविधियां भी मिली हैं। फिलहाल आरोपी को कोर्ट से सात दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
बंगाल से लाता था जाली नोटों की खेप
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पिछले तीन साल से पश्चिम बंगाल से नकली नोट लाकर मध्यप्रदेश में खपा रहा था। उसका कहना है कि मालदा निवासी एक युवक ने उसे ट्रायल के तौर पर बड़ी मात्रा में नकली नोट दिए थे। वह 300 रुपये लेकर 500 रुपये का नकली नोट बेचता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी कई दुकानों और मॉल में भी नकली नोटों का इस्तेमाल कर चुका है।
पाकिस्तान और नेपाल कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियों को बरामद नोटों में इस्तेमाल कागज को लेकर गंभीर सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ नोट पाकिस्तान और नेपाल से जुड़े नेटवर्क के जरिए तैयार किए गए हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का संपर्क किन लोगों से था और क्या इसके तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हैं। शहर में पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग बैंकों में नकली नोट मिलने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
विदेश में पढ़ाई और भोपाल में नई जिंदगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले जर्मनी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बाद में यूक्रेन से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। सितंबर 2024 में उसने भोपाल की एक युवती से शादी की और किराये के मकान में रहने लगा। वह भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए एफएमजीई परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। इसी दौरान उसने नकली नोटों के नेटवर्क से जुड़कर अवैध कारोबार शुरू कर दिया।