मुरादाबाद के बिलारी में ऊं का टैटू, तिलक और कपिल नाम की आड़ में कांवड़ियों के बीच एक युवक घुस गया जो विशेष समुदाय का बताया जा रहा है जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है
उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा में इस बार भक्ति के साथ सजगता और सुरक्षा की मिसाल देखने को मिली है. मुरादाबाद जिले के बिलारी कस्बे में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आस्था के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया. बिलारी के गांधी पार्क में भोले सेवा समिति द्वारा आयोजित भंडारे में श्रद्धालु भोजन कर रहे थे और जय शिव शंकर के जयकारे गूंज रहे थे, तभी एक युवक माथे पर तिलक, हाथ पर 'ॐ' का टैटू और कपिल नाम बताकर कांवड़ियों के बीच आ बैठा लेकिन कुछ ही मिनटों में उसकी आंखें झुकने लगीं, बात करने में हड़बड़ाहट दिखी और उसकी पहचान पर शक गहराने लगा.
पहले भोजन दिया फिर पुलिस को सौंपा
जब कुछ जागरूक श्रद्धालुओं ने सवाल पूछे तो युवक टूट गया और अपना असली नाम मोहम्मद फैज, निवासी बहजोई बता दिया. उसने दावा किया कि उसकी मंशा गलत नहीं थी और वो सिर्फ खाना खाने आया था. लेकिन सवाल उठता है कि क्या सिर्फ एक भंडारे के भोजन के लिए कोई व्यक्ति इस तरह नाम, धर्म और प्रतीकों का सहारा लेकर धार्मिक आयोजन में शामिल होता है? इस घटना ने साफ कर दिया कि अब जनता खुद सतर्क हो गई है और योगी सरकार की सुरक्षा नीति का असर जमीन पर दिखने लगा है. फैज को मौके पर पकड़ा गया, पहले भोजन दिया गया और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया.
सनातनी भी 'योगी मॉडल' की तरह सजग और सतर्क
अब पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि फैज अकेला था या किसी साजिश का हिस्सा उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कांवड़ यात्रा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. इस घटना ने साबित कर दिया कि अब "ॐ" का टैटू और तिलक भी फर्जी भक्तों को नहीं बचा सकते क्योंकि अब हर सनातनी भी 'योगी मॉडल' की तरह सजग और सतर्क है