Fake embassy busted in Ghaziabad: गाजियाबाद में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और एनआईए की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. कई ठिकानों पर छापेमारी कर अधिकारियों ने विदेशी नागरिकों के पास से फर्जी पासपोर्ट, डिप्लोमैटिक पहचान पत्र, भारी मात्रा में नकदी और लग्जरी वाहन जब्त किए. यह कार्रवाई नोएडा के सेक्टर-121 में 17 जुलाई को विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद शुरू हुई. जिन विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया, वे वेस्ट अफ्रीका, सैबोर्ग, पॉल्विया और लोडोरिया जैसे देशों के थे, और उनके पास फर्जी डिप्लोमैटिक दस्तावेज पाए गए.
हवाला और फर्जीवाड़े का जाल
जांच में सामने आया कि ये लोग “सेवियर ग्रुप” नामक एक कंपनी के जरिए भारत में प्रवेश कर रह थे, जिसकी शुरुआत 2011 में हुई थी. इस गिरोह ने हवाला के जरिए करोड़ों का लेन-देन किया और डिप्लोमैटिक सुविधाओं की आड़ में भारत में रह रहे थे. छापेमारी में 44.78 लाख रुपये नकद, 18 लग्जरी गाड़ियां जिन पर डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी थीं, 34 पासपोर्ट, 2 दर्जन से ज्यादा फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज मिले हैं. ये लोग खुद को विदेशी राजनयिक बताकर आसानी से भारत में भ्रमण और ठहराव कर रहे थे.
डिप्लोमैटिक पहचान की आड़ में ठगी
टीमों को विदेशी नागरिकों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें, हवाला नेटवर्क से जुड़े कागजात और विदेशी दस्तावेज भी मिले हैं. इन लोगों ने देश में रहकर ना सिर्फ नियमों की अनदेखी की बल्कि एक सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़े का जाल फैलाया. अब पुलिस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने में जुटी है और यह मामला अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और वित्तीय अपराध से भी जुड़ा हो सकता है. जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है.