हे प्रभु..हे हरि राम कृष्ण जगन्नाथम ये क्या हो रहा है, ये डायलाग आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा, जो आज इस खबर पर फिट बैठता है क्योंकि हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर गुरुवार दोपहर जो नजारा दिखा, उसने पूरे इलाके को हिला दिया. चार युवक हरियाणा नंबर की I-20 कार में पहुंचे और बड़ी तेजी से लकड़ियां सजाकर चिता बनाने लगे. उनकी जल्दबाजी और अजीब हरकतें पहले ही लोगों को शक में डाल चुकी थीं, लेकिन असली झटका तब लगा जब एक प्रत्यक्षदर्शी ने कफन हटाया और वहां इंसान का शव नहीं, बल्कि प्लास्टिक का पुतला मिला. देखते ही देखते भीड़ एकत्र हो गई, दो युवक भाग निकले और दो को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. यह नजारा इतना अविश्वसनीय था कि हर कोई पूछने लगा आखिर ये क्या हो रहा है.
प्लास्टिक के शव के पीछे छिपी थी साजिश
पहले पकड़े गए युवकों ने बहाना बनाया कि अस्पताल ने गलती से नकली शव दे दिया था, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद पूरा सच बाहर आने लगा. जांच में खुलासा हुआ कि इस फर्जी अंतिम संस्कार के पीछे मास्टरमाइंड दिल्ली के कैलाशपुरी का रहने वाला कमल सोमानी है, जो 50 लाख रुपये के भारी कर्ज में डूबा हुआ था. उसने अपनी दुकान में पहले काम कर चुके अंशुल कुमार के आधार और पैन कार्ड अपने पास रख लिए और उन्हीं दस्तावेजों पर अंशुल के नाम 50 लाख का बीमा करा दिया. पूरा रैकेट इस प्लान में था कि प्लास्टिक के पुतले को अंशुल का शव बताकर जलाया जाए और उसके बाद बीमा की बड़ी रकम हासिल कर ली जाए.
सतर्कता से पकड़ा घोटाला, कार से मिले और भी पुतले
चिता बनाने में युवकों की जल्दबाजी और धार्मिक प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करने से स्थानीय कर्मचारियों का शक और गहरा गया. जैसे ही पुलिस पहुंची, दो युवक कार लेकर फरार हो गए जबकि दो मौके पर ही पकड़ लिए गए. कार की तलाशी में पुलिस को दो और प्लास्टिक के पुतले मिले, जिससे साफ हो गया कि यह कोई एक बार की कोशिश नहीं बल्कि एक बड़ा संगठित बीमा फर्जीवाड़ा गिरोह है. पुलिस को आशंका है कि यह रैकेट कई फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाने और लाखों की बीमा राशि ठगने की तैयारी में था.
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पुलिस की जांच तेज, फरार आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के और भी तार सामने आ सकते हैं, क्योंकि यह सिर्फ एक प्लास्टिक के पुतले का मामला नहीं बल्कि करोड़ों रुपये के बीमा घोटाले का हिस्सा लगता है। पुलिस ने इलाके के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है यहां तक कि प्लास्टिक के शव का अंतिम संस्कार करवाने तक।