देश के अलग अलग हिस्सों में गुरुवार सुबह से ही हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़े घोटाले पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी से जुड़ा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक संगठित गिरोह युवाओं को नौकरी का सपना दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई छह राज्यों के पंद्रह शहरों में एक साथ की जा रही है।
रेलवे और विभागों के नाम पर फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय रेलवे समेत चालीस से अधिक सरकारी विभागों के नाम पर ठगी कर रहा था। रेलवे के अलावा डाक विभाग वन विभाग कर विभाग उच्च न्यायालय लोक निर्माण विभाग राज्य सरकार और विकास प्राधिकरण जैसे नामों का इस्तेमाल किया गया। युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भेजे जाते थे जो असली जैसे दिखाई देते थे।
फर्जी ईमेल और नकली पहचान का जाल
इस गिरोह ने ठगी को असली दिखाने के लिए फर्जी ईमेल पते तैयार किए थे। इन ईमेल पतों को देखकर ऐसा लगता था मानो कोई सरकारी कार्यालय ही संदेश भेज रहा हो। कई लोगों को आरपीएफ और टिकट जांच जैसे पदों का लालच दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पीड़ितों के खातों में दो से तीन महीने तक वेतन के नाम पर राशि भी भेजी गई ताकि उनका भरोसा पूरी तरह बन जाए।
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वेतन दिखाकर ठगते थे रकम
गिरोह की रणनीति बेहद चालाक थी। पहले नियुक्ति पत्र भेजा जाता फिर कुछ समय तक वेतन के नाम पर पैसा डाला जाता। इसके बाद विभिन्न बहानों से पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी। कई युवाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है और प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दिया गया।
कहां कहां चल रही है कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में बिहार पश्चिम बंगाल उत्तर प्रदेश तमिलनाडु गुजरात और केरल में छापेमारी कर रहा है। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर इलाहाबाद और लखनऊ में कार्रवाई चल रही है। बिहार में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में ठिकानों पर दबिश दी गई है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी गिरोह से जुड़े ठिकानों की पहचान हुई है। तमिलनाडु गुजरात और केरल के कई शहरों में भी एक साथ छापे मारे गए हैं।
आगे और खुलासों की उम्मीद
जांच एजेंसी का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज डिजिटल रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े सबूत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और कई राज्यों तक फैला हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।