मध्य प्रदेश के जबलपुर से जुड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट में एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस नेटवर्क के तार कोलकाता तक फैले मिले हैं, जहां से पांच अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया। जांच में सामने आया है कि स्थानीय संपर्क के जरिए लाखों रुपये लेकर पासपोर्ट बनवाए गए और इसके बाद आरोपी दूसरे शहरों में जाकर बस गए।
कोलकाता से पांच अफगानी गिरफ्तार
ATS ने कोलकाता में दबिश देकर जिया उल रहमान, सुल्तान, मो. रजा खान और सैयद मोह. जफर खान सहित पांच अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया। सभी को ट्रांजिट प्रक्रिया के बाद जबलपुर लाया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक ये लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे थे और पहचान छिपाने के लिए पासपोर्ट तैयार करवाए गए थे।
जबलपुर के सोहबत के जरिए चलता था नेटवर्क
पूरे खेल का मास्टरमाइंड जबलपुर का अफगानी नागरिक सोहबत खान बताया जा रहा है। छोटी ओमती क्षेत्र से अगस्त 2025 में उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह का खुलासा हुआ था। सोहबत के जरिए ही दस्तावेज जुटाए जाते थे और फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट तैयार करवाए जाते थे।
ढाई लाख में होता था सौदा
जांच में खुलासा हुआ है कि साल 2024 में एक अफगानी नागरिक का पासपोर्ट करीब ढाई लाख रुपये में बनवाया गया था। आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य लोगों के लिए भी दस्तावेज तैयार करवाए। फर्जी पासपोर्ट मिलने के बाद ये लोग कोलकाता में बस गए और वहां सूदखोरी जैसे अवैध धंधों में लिप्त हो गए।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले भी तीन अफगानी नागरिकों और उनके तीन स्थानीय मददगारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित था।
25 फरवरी तक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
रविवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। ATS अब इस नेटवर्क के अन्य कड़ियों और संभावित फर्जी दस्तावेजों की जांच में जुटी है।