मध्य प्रदेश के सिंगरौली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी ही मां के चेहरे का इस्तेमाल कर सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड जारी कर दिए। हैरानी की बात यह है कि मां को इस पूरे खेल की भनक तक नहीं लगी। पुलिस के “ऑपरेशन FACE” के तहत इस हाईटेक ठगी का पर्दाफाश हुआ, जिसने डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया।
मां के चेहरे से रचा गया फर्जीवाड़ा
सिंगरौली पुलिस ने ऑपरेशन FACE के तहत अनिल कुमार रवानी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। वह सिम पॉइंट ऑफ सेल ऑपरेटर था और उसने अपनी मां के चेहरे का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान के आधार पर सिम कार्ड जारी किए। आरोपी ने करीब 340 सिम एक्टिवेट किए और कुल मिलाकर 850 से ज्यादा सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए।
AI सिस्टम को ऐसे दिया चकमा
अनिल ने डिजिटल वेरिफिकेशन में इस्तेमाल होने वाले फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए चालाकी से काम लिया। वह अपनी मां को अलग-अलग एंगल और हाव-भाव में कैमरे के सामने खड़ा करता था, जिससे हर बार सिस्टम को लगता था कि नया व्यक्ति वेरिफाई हो रहा है। इस तरह एक ही चेहरे से कई पहचान बनाई गईं।
AI ने ही खोली पोल
इस हाईटेक धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब AI आधारित फेस रिकग्निशन टूल ने डेटा में गड़बड़ी पकड़ ली। सिस्टम ने पाया कि अलग-अलग नाम और पते के बावजूद चेहरे एक ही हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अपराधियों तक पहुंचते थे ये सिम
जांच में सामने आया कि आरोपी इन फर्जी सिम कार्ड को ऐसे लोगों को उपलब्ध कराता था, जो अपनी पहचान छिपाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना चाहते थे। इससे साइबर क्राइम और अन्य गंभीर अपराधों में इन सिम का इस्तेमाल होने की आशंका है।
इंदौर में भी सामने आया ऐसा मामला
इसी तरह इंदौर क्राइम ब्रांच ने भी ऑपरेशन FACE के तहत एक आरोपी को पकड़ा। वह कंपनी के टारगेट और बोनस पाने के लालच में अपने ही फोटो से 80 से ज्यादा सिम कार्ड एक्टिवेट कर चुका था। बाद में टारगेट पूरा होने पर वह सिम को डीएक्टिवेट कर देता था।