Fake TTE Scam : अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों ने खुद को टीटीई या टीसी बताकर यात्रियों से पैसे ठग लिए। कभी जुर्माने के नाम पर तो कभी टिकट जांच के बहाने यात्रियों से नकदी वसूली गई। ऐसे में रेलवे यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है ताकि किसी भी तरह की ठगी से बचा जा सके।
असली TTE की पहचान कैसे करें
जब कोई व्यक्ति ट्रेन में टिकट जांचने आए तो उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें। असली टीटीई के पास रेलवे का आधिकारिक पहचान पत्र होता है, जिसमें उसका नाम, पद और अन्य जानकारी दर्ज रहती है। इसके अलावा यूनिफॉर्म और नेम बैज भी पहचान में मदद करते हैं। हालांकि केवल यूनिफॉर्म देखकर किसी को असली मान लेना सही नहीं है, क्योंकि ठग भी इसी तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं।
संदेह होने पर क्या करें
यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार संदिग्ध लगे या वह अपनी पहचान बताने में हिचकिचाए, तो तुरंत उससे रेलवे का पहचान पत्र दिखाने के लिए कहें। अगर वह पहचान पत्र दिखाने से मना करता है या बहाने बनाता है, तो मामला संदिग्ध हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना पुष्टि किए कोई भुगतान न करें और आसपास मौजूद रेलवे स्टाफ को इसकी जानकारी दें।
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TTE और TC में क्या अंतर है
कई यात्री टीटीई और टीसी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों की जिम्मेदारियां अलग होती हैं। टीटीई आमतौर पर ट्रेन के अंदर टिकट जांचने का काम करता है। वहीं टीसी रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म या प्रवेश और निकास द्वारों पर तैनात रहते हैं। दोनों के पास टिकट जांचने का अधिकार होता है, लेकिन उनकी कार्यस्थली अलग-अलग होती है। इसलिए केवल पदनाम सुनकर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है।
पैसे देने से पहले रखें ये सावधानी
यदि कोई व्यक्ति जुर्माने या टिकट संबंधी किसी शुल्क की मांग करता है, तो पहले उसकी पहचान की जांच करें। भुगतान करने की स्थिति में हमेशा रेलवे की आधिकारिक रसीद लें। किसी भी अनजान मोबाइल नंबर, निजी खाते या डिजिटल वॉलेट में पैसे भेजने से बचें। रेलवे से जुड़ा हर भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।
ठगी की आशंका हो तो तुरंत करें शिकायत
अगर आपको लगता है कि कोई व्यक्ति फर्जी टीटीई या टीसी बनकर यात्रियों से पैसे वसूल रहा है, तो तुरंत रेलवे को सूचना दें। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है। समय रहते की गई शिकायत न केवल आपको बल्कि अन्य यात्रियों को भी ठगी का शिकार होने से बचा सकती है। रेलवे का कहना है कि सतर्कता ही ऐसे मामलों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।