पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान की मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पांडा ने शुरुआती राउंड से ही बड़ी बढ़त बना ली है। चार राउंड की गिनती पूरी होने तक बीजेपी प्रत्याशी 14 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले मैदान छोड़ने का ऐलान करने वाले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को बेहद कम वोट मिले हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फलता में बीजेपी उम्मीदवार की मजबूत बढ़त
फलता विधानसभा सीट पर मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हुई। शुरुआती राउंड से ही बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पांडा ने बढ़त कायम कर ली। चार राउंड की गिनती पूरी होने तक उन्हें 25,438 वोट मिले, जबकि उनके मुकाबले अन्य उम्मीदवार काफी पीछे दिखाई दिए। इस बढ़त ने सीट पर बीजेपी की संभावित जीत की तस्वीर लगभग साफ कर दी है।
जहांगीर खान को मिले सिर्फ इतने वोट
री-पोलिंग से पहले चुनावी मैदान छोड़ने का ऐलान करने वाले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को मतगणना में बेहद कम समर्थन मिला। चार राउंड की काउंटिंग तक उन्हें केवल 1,405 वोट मिले। पहले राउंड में भी उन्हें सिर्फ 210 वोट प्राप्त हुए थे। उनके पीछे हटने के फैसले ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए थे।
री-पोलिंग में हुआ था भारी मतदान
21 मई को हुए पुनर्मतदान में बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे थे। शाम तक 86 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। पूरे दिन कई बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
पहले मतदान के बाद बढ़ा था विवाद
29 अप्रैल को हुए पहले मतदान के दौरान ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और इत्र जैसी चीजों के इस्तेमाल के आरोप सामने आए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए फलता सीट पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। यही वजह रही कि इस सीट की री-पोलिंग पूरे राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई।
डायमंड हार्बर क्षेत्र में बदले राजनीतिक संकेत
फलता सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि यह डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है। हालिया घटनाक्रमों और बीजेपी की बढ़त ने इलाके की राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। चुनावी नतीजों को राज्य की भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।