Al-Falah University: फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी का दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन सामने आया है। इस यूनिवर्सिटी में हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारा है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल मामला और दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े संदिग्धों की खोज और पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल के साथ काम करने वाले फैकल्टी मेंबर्स, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से पूछताछ की है।
यूनिवर्सिटी में 40 प्रतिशत डॉक्टर्स कश्मीर से
आपको बता दें कि फरीदाबाद पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लेकर टेरर मॉड्यूल के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस मामले में अब तक 52 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। यूनिवर्सिटी के एक सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार डॉ शाहीन, डॉ उमर और डॉ मुजम्मिल तीनों सीनियर डॉक्टर्स हैं। इस यूनिवर्सिटी में 40 प्रतिशत डॉक्टर्स कश्मीर से है।
जैश-ए-मोहम्मद संगठनों द्वारा किया जा रहा इस्तेमाल
पुलिस और TOI की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस यूनिवर्सिटी कैंपस का इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवातुल-हिंद जैसे संगठनों द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि फंड जुटाने, रंगरूटों को कट्टरपंथी बनाने और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए “चैरिटेबल फ्रंट्स” और “यूनिवर्सिटी नेटवर्क” का इस्तेमाल किया गया।
यूनिवर्सिटी के बारे में
बता दें कि फरीदाबाद जिले के धौज में अरावली की तलहटी में स्थित 70 एकड़ के क्षेत्र में अल-फलाह यूनिवर्सिटी फैला हुआ है। इस परिसर में अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और अल-फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग का संचालन होता है। साथ ही अल फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को 2019 में एमबीबीएस के पहले बैच में प्रवेश के लिए एनएमसी से मंजूरी मिली थी। अल-फलाह अस्पताल इसी का हिस्सा है। इस यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग, एमबीबीएस से लेकर दो वर्षीय बी.एड. और एम.एड. की पढ़ाई भी होती है।