सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में गुरुवार को गांधी हाल में स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया।
प्रदूषण से बचाने का आह्वान
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय का ज्ञान और तकनीक किसानों तक पहुंचना चाहिए। ड्रोन, सेंसर, एआई और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। कम पानी वाली फसलों की प्रजातियां विकसित करने के साथ ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ पर जोर देने की जरूरत है। उन्होंने खेत का पानी खेत में रोकने, मेड़ पर पेड़ लगाने और नदियों-तालाबों को प्रदूषण से बचाने का आह्वान किया।
एकता-अखंडता में योगदान देने का आह्वान
बागपत सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि शिक्षक-विद्यार्थी का रिश्ता पिता-पुत्र जैसा होना चाहिए। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अच्छा नागरिक बनाना भी है। एमएलसी अश्विनी त्यागी और धर्मेंद्र भारद्वाज ने युवाओं से देश की एकता-अखंडता में योगदान देने का आह्वान किया। शामली विधायक प्रसन्न चौधरी ने कहा कि किसान समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा। क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान ने विश्वविद्यालय के लिए अधिक बजट आवंटित करने की मांग की। कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने छह माह के कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान रजत जयंती वर्ष के लोगो व पुस्तकों का विमोचन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।