मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किसान गर्मियों में परंपरागत सब्जियों से हटकर अब अंबाड़ी भाजी की खेती में हाथ आजमा रहे हैं और बेहतरीन मुनाफा कमा रहे हैं। कुछ साल पहले तक यह भाजी केवल सीमित मात्रा में उगाई जाती थी, लेकिन अब किसान इसे मुख्य फसल की तरह अपना रहे हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
ये है अंबाडी की खेती
अंबाड़ी भाजी की डिमांड बालाघाट ही नहीं, बल्कि आस-पास के जिलों में भी तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय बाजारों में यह 20 से 40 रुपये किलो तक बिकती है। यही वजह है कि किसान इसे कम जमीन में उगाकर भी महीने में 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी कर लेते हैं। इसकी खेती के लिए अधिक लागत की जरूरत नहीं होती और सिंचाई भी सीमित मात्रा में की जाती है।
अब साइड फसल नहीं, मुख्य फसल बन रही अंबाड़ी भाजी
अगर आप भी खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो अंबाड़ी भाजी एक बेहतर विकल्प हो सकती है। आइए जानते हैं कब, कैसे और कहां करें इसकी खेती और इससे कैसे कमाई की जा सकती है. स्थानीय बाजारों में 20 से 40 रुपये किलो बिक रही अंबाड़ी भाजी, किसानों को मिल रहा जबरदस्त फायदा।पहले किसान भिंडी के साथ लगाते थे अंबाड़ी, अब बन गई स्वतंत्र फसल।
यह भी जानें
25 डिसमिल में 15 हजार की आमदनी
एक किसान ने तीन महीने में कमाई 12 से 15 हजार रुपये, बाजार में अच्छी मांग।
कब और कैसे करें अंबाड़ी की खे ती?
जनवरी में बोआई, रेतीली और जलनिकासी वाली मिट्टी उपयुक्त, कम सिंचाई और जैविक खाद से बेहतर उत्पादन।
क्या-क्या है खास अंबाड़ी भाजी में?
इसके फूल, पत्ते, तने – सब कुछ उपयोगी। आयरन और विटामिन्स से भरपूर।
स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है ये हरी भाजी
भाजी के रूप में खाई जाती है पत्तियां, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक। किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा लाभ वाली फसल । अंबाड़ी भाजी बन सकती है सीमित संसाधनों वाले किसानों की नई उम्मीद।