जम्मू में एक शादी समारोह उस समय सनसनी में बदल गया जब पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर अचानक गोली चला दी गई। हमलावर ने बेहद करीब से फायर किया, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस के दो जांबाज जवानों—एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर—ने पल भर में साहस दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया और गोली की दिशा बदल दी। इस त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और वरिष्ठ नेता बाल-बाल बच गए।
शादी समारोह में अचानक हुई फायरिंग
जम्मू के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित शादी समारोह में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद थीं। समारोह समाप्त होने के बाद जब फारूक अब्दुल्ला बाहर निकल रहे थे, तभी भीड़ के बीच से एक व्यक्ति तेजी से उनके करीब पहुंचा और अचानक पिस्तौल निकालकर गोली चला दी। घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
दो पुलिसकर्मियों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा
मौके पर तैनात एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर ने असाधारण साहस का परिचय दिया। गोली चलने के उसी क्षण उन्होंने हमलावर पर झपट्टा मार दिया। इस दौरान उन्होंने उसकी पिस्तौल को पकड़कर गोली की दिशा बदल दी, जिससे किसी को भी चोट नहीं लगी। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया और हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया गया।
आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान जम्मू के पुरानी मंडी इलाके के रहने वाले कमल सिंह के रूप में हुई है। आरोपी के पास से लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से इस मौके की तलाश में था। पुलिस अब उसके इरादों और संभावित साजिश के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हमलावर का इतने करीब पहुंच जाना चिंताजनक है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चूक कहां हुई।
जांच में जुटी एजेंसियां, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैंक्वेट हॉल और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। फुटेज में हमलावर की गतिविधियां कैद बताई जा रही हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि आरोपी हथियार लेकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा मकसद या नेटवर्क मौजूद था।