उत्तर प्रदेश के मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध गौ-सेवक चंद्रशेखर की मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर पुलिस इसे कोहरे में हुआ सड़क हादसा बता रही है, तो दूसरी ओर समर्थक इसे साजिश करार दे रहे हैं। घटना के बाद गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई, हाईवे जाम हुआ और पुलिस के साथ झड़प भी हुई। अब पूरा मामला जांच और सियासत के केंद्र में आ गया है।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था, मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले थे। कम उम्र में माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने सन्यास ले लिया और गौ-सेवा को जीवन का उद्देश्य बना लिया। मथुरा के आजनौख गांव में रहकर उन्होंने एक गौशाला स्थापित की और गौ-रक्षा के लिए युवाओं की टीम तैयार की। हाथ में फरसा लेकर रात में गश्त करना उनकी पहचान बन गया था।
गौ-सेवा में समर्पित जीवन
बाबा का नाम ब्रज क्षेत्र में गौ-रक्षा के लिए प्रसिद्ध था। बताया जाता है कि उन्होंने सैकड़ों गायों को तस्करों से बचाया। वे अक्सर सूचना मिलने पर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचते और तस्करों का पीछा करते थे। उनके इस साहसी अंदाज के चलते कई बार उन पर हमले भी हुए, लेकिन उन्होंने अपने मिशन को कभी नहीं छोड़ा।
मौत के बाद भड़का गुस्सा
घटना उस वक्त हुई जब बाबा एक संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे। कोसीकलां इलाके में उनकी बाइक को एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही खबर फैली, हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। दिल्ली-आगरा नेशनल हाइवे पर जाम लग गया और पुलिस पर पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस का दावा- कोहरे में हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक यह घटना किसी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि घने कोहरे के कारण हुआ सड़क हादसा है। जांच में सामने आया कि बाबा ने एक कंटेनर को रुकवाया था, जिसमें कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने कम विजिबिलिटी के चलते बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में ट्रक चालक की भी मौत हो गई।
सियासत और संतों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक गलियारों तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं संत समाज और बाबा के समर्थकों ने इसे साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल इलाके में तनाव के बीच स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।