देश में फास्टैग अब हर वाहन चालक की जरूरत बन चुका है, खासकर उन लोगों के लिए जो नेशनल हाईवे पर नियमित सफर करते हैं। ऐसे यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने एनुअल फास्टैग पास की शुरुआत की थी, जिससे बार-बार टोल देने की झंझट कम हो गई। लेकिन अब इस पास की कीमत में बढ़ोतरी के बाद लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कितना बढ़ा है चार्ज
सरकार ने एनुअल फास्टैग पास की कीमत में मामूली बढ़ोतरी की है। पहले यह पास 3000 रुपये में मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 3075 रुपये कर दिया गया है। यानी कुल 75 रुपये का इजाफा किया गया है। भले ही यह बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है, लेकिन नियमित यूजर्स के लिए यह बदलाव अहम है।
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पुराने यूजर्स पर क्या असर
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुराने यूजर्स को भी यह बढ़ा हुआ चार्ज देना होगा। इसका जवाब साफ है—नहीं। अगर आपने पहले ही एनुअल पास ले रखा है, तो उसकी वैधता खत्म होने तक आपको कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। यह पास एक साल या 200 ट्रिप्स (जो पहले पूरा हो) तक वैध रहता है।
कब से लागू होंगे नए नियम
नए चार्ज 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाएंगे। इसका मतलब है कि इस तारीख के बाद जो भी नया पास खरीदेगा या पुराना पास रिन्यू करेगा, उसे 3075 रुपये ही चुकाने होंगे। यानी नए यूजर्स और रिन्यूअल कराने वालों पर ही इसका असर पड़ेगा।
यूजर्स के लिए क्या जरूरी
अगर आपका फास्टैग एनुअल पास अभी एक्टिव है, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप अपनी मौजूदा वैधता तक पुराने रेट पर ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन जैसे ही आप पास रिन्यू करेंगे, आपको नए बढ़े हुए चार्ज के अनुसार भुगतान करना होगा।