देश में FASTag एनुअल पास की मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि शुरू होने के सिर्फ साढ़े तीन महीने में ही 36.3 लाख कार यूजर्स इसे अपना चुके हैं। हर दिन करीब 20,000 नए लोग एनुअल पास खरीद रहे हैं। इस पास की कीमत 3,000 रुपये है और इससे साल भर में 200 टोल पार किए जा सकते हैं। कीमत के हिसाब से हर टोल प्लाजा सिर्फ 15 रुपये में पार हो रहा है, जिसके कारण हाईवे पर सफर करने वालों को भारी राहत मिली है।
40% तक यूजर इसी पास पर शिफ्ट
12 से ज्यादा टोल प्लाज़ा की रिपोर्ट में सामने आया कि 40% से ज्यादा कार मालिक अपना टोल इसी एनुअल पास से चुका रहे हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रहा है जो रोज़ या हफ्ते में कई बार शहरों के बीच यात्रा करते हैं। कम खर्च, आसान पेमेंट और झंझट-मुक्त अनुभव की वजह से यह पास बहुत तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
ये भी पढ़ें : Delhi की ज़हरीली हवा पर Supreme Court सख्त, सरकार से मांगी 7 दिन मेंरिपोर्ट
कौन सा टोल प्लाज़ा सबसे आगे? आंकड़े चौंकाने वाले
दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेसवे पर बना नया बिजवासन टोल प्लाजा एनुअल पास इस्तेमाल में देश में नंबर 1 है। यहां 50% से ज्यादा टोल पेमेंट इसी पास से किए जा रहे हैं। इसके बाद दिल्ली का मुंडका टोल प्लाज़ा (48.2%) और हरियाणा का जिंझोली प्लाज़ा (47%) आते हैं। पूरे देश में होने वाले कार टोल पेमेंट का 22% अब इसी एनुअल पास से किया जा रहा है। कुल मिलाकर हर दिन लगभग 13 लाख टोल ट्रांजैक्शन इस पास के जरिए हो रहे हैं।
टोल पर झगड़े हुए कम, ट्रैफिक भी हल्का
टोल ऑपरेटर्स और यात्रियों का कहना है कि इस नए सिस्टम की वजह से ना सिर्फ टोल प्लाज़ा पर भीड़ कम हुई है बल्कि यात्रियों और टोल कर्मचारियों के बीच झगड़े या बहस भी खत्म हो गए हैं। NHAI की सहायक कंपनी IHMCL के अधिकारी ने बताया कि एनुअल पास ने टोल प्रबंधन और पेमेंट प्रक्रिया को और आसान बनाया है। आने वाले दिनों में इस स्कीम के पूरे प्रभाव की समीक्षा की जाएगी।