एएफसी चैंपियंस लीग टू में एफसी गोवा ने मैच के शुरुआती पलों में ऐसा कदम उठाया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। ताजिकिस्तान की टीम एफसी इस्तिक्लोल के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत होते ही गोवा के खिलाड़ियों ने कुछ सेकंड के लिए खेल रोक दिया। यह कोई तकनीकी गलती नहीं थी, बल्कि भारतीय फुटबॉल में चल रही अनिश्चितता की ओर ध्यान दिलाने का प्रतीकात्मक इशारा था। क्लब ने साफ किया कि यह कदम किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि घरेलू फुटबॉल की मौजूदा हालत को सामने लाने के लिए उठाया गया।
विरोध नहीं, चिंता का इशारा
एफसी गोवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि उनका यह कदम किसी टीम, एएफसी या टूर्नामेंट के खिलाफ नहीं था। क्लब ने साफ शब्दों में कहा कि वे एफसी इस्तिक्लोल, एएफसी और एएफसी चैंपियंस लीग टू का पूरा सम्मान करते हैं। यह इशारा सिर्फ भारतीय घरेलू फुटबॉल के सामने खड़ी चुनौतियों पर रोशनी डालने के लिए था। क्लब के मुताबिक, यह पूरी तरह सद्भावना में किया गया कदम था, जिससे किसी को ठेस पहुंचाने या खेल में बाधा डालने का कोई इरादा नहीं था।
ISL को लेकर मचा बड़ा घमासान
एफसी गोवा का यह प्रतीकात्मक कदम ऐसे समय आया है, जब इंडियन सुपर लीग को लेकर बड़ा संकट चल रहा है। ISL के आयोजक एफएसडीएल ने जुलाई में एआईएफएफ को जानकारी दी थी कि 15 साल का मास्टर राइट्स एग्रीमेंट खत्म होने के बाद लीग को होल्ड पर रखा जा सकता है। इस समझौते की मियाद 8 दिसंबर को खत्म हो चुकी है। इसके बाद ISL के कमर्शियल राइट्स के लिए टेंडर निकाला गया, लेकिन उसमें कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। हालात तब और बिगड़ गए, जब 10 क्लबों की स्थायी मालिकाना हक की मांग को एआईएफएफ की जनरल बॉडी ने खारिज कर दिया।
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मैदान पर हार, बाहर होने का दर्द
मैच की बात करें तो एफसी गोवा पहले ही ग्रुप स्टेज से बाहर हो चुकी थी, क्योंकि वह अपने पिछले पांचों मुकाबले हार चुकी थी। इस्तिक्लोल के खिलाफ मैच में गोवा ने अच्छी शुरुआत की और आठवें मिनट में डेजन ने गोल दाग दिया। लेकिन इसके बाद ताजिकिस्तान की टीम ने वापसी की। पॉल ने बराबरी का गोल किया और 56वें मिनट में आमिरबेक ने पेनल्टी पर गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। हार के बावजूद एफसी गोवा का यह संदेश भारतीय फुटबॉल में चल रही अनिश्चितता को लेकर लंबी चर्चा छेड़ गया है।