UP News: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों से तंग आकर योगी सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए बड़े सुधारों का ऐलान किया है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं के बाद शासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं। इनके तहत प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखा जाएगा, साथ ही मल्टी-लेयर्ड डिजिटल लॉक्स वाली बॉक्स में प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे ताकि लीक की आशंका न्यूनतम हो।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शुरू किए
मामला मुख्य रूप से यूपीपीएससी की आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 से जुड़ा है, जो फरवरी 2024 में आयोजित हुई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद अभ्यर्थियों के व्यापक विरोध और शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा रद्द कर दी। सीएम ने इसे दोबारा छह महीने में कराने के आदेश दिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बाद में एसटीएफ ने कई गिरफ्तारियां कीं और जांच में पेपर लीक का गिरोह सामने आया।इस घटना के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शुरू किए। अगस्त 2025 में विधानसभा में संशोधन बिल पेश किया गया, जिसमें प्रश्नपत्र चार सेट में तैयार करने, अलग-अलग रंग के लिफाफों में सील करने और गोपनीय कोड के साथ केंद्रों पर भेजने की व्यवस्था लागू की गई।
डिजिटल लॉक्स का इस्तेमाल शुरू किया
जुलाई 2024 से ही यूपीपीएससी ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजिटल लॉक्स का इस्तेमाल शुरू किया। अब नई गाइडलाइंस में डिजिटल लॉकर को शामिल कर इसे और मजबूत बनाया जा रहा है। हाल ही में विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरा सिस्टम सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पेपर लीक गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके
इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि एसटीएफ के माध्यम से पेपर लीक गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके। सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए जीवनकारावास तक की सजा और एक करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान भी अध्यादेश के जरिए लागू किया है।ये सुधार न केवल यूपीपीएससी बल्कि अन्य भर्ती एजेंसियों जैसे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के लिए भी लागू होंगे, ताकि शिक्षक भर्ती और अन्य परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे। अभ्यर्थी संगठनों ने इन कदमों का स्वागत किया है, लेकिन मांग की है कि इन्हें जल्द से जल्द पूरी तरह लागू किया जाए। सरकार का दावा है कि इन उपायों से भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित हो जाएंगी।