बच्चों की हाइट बढ़ाने के लिए उनकी डाइट में कुछ खास पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। कुछ फूड्स का सेवन 7 साल से लेकर 14 साल की उम्र के बच्चों को कराया जाए तो बच्चे की ग्रोथ तेजी से होती है। आईए जानते हैं किन चीजों को डाइट में शामिल करना है जरूरी। अगर आप चाहते हैं कि 7 से 14 साल की उम्र में आपके बच्चे की हाइट तेजी से बढ़े, तो उसकी डाइट पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस उम्र में बच्चों की शारीरिक और मानसिक ग्रोथ के लिए संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज जरूरी होती है। मैक्स हेल्थ केयर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राणा चंचल बताते हैं कि बच्चों की डाइट में कुछ खास पोषक तत्वों को शामिल करने से उनकी हाइट और ग्रोथ में जबरदस्त सुधार हो सकता है।
3 से 6 साल की उम्र में बच्चे की ग्रोथ होती है स्लो
इस उम्र में बच्चे का दिमागी विकास बहुत तेज़ होता है लेकिन भाषा, सोचने की क्षमता और कल्पना शक्ति इसी उम्र में बच्चें में आती है। 7 साल से 14 साल वो समय है जब हाइट और वजन में स्थिरता लेकिन नियमित वृद्धि होती है। इस उम्र में बच्चे को अच्छा पोषण चाहिए और फिजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी है। इस उम्र में बच्चे को हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत होती है। लड़के और लड़कियों की ग्रोथ और हाईट की उम्र अलग अलग है। लड़कियों की हाइट 10 से 14 साल में तेजी से बढ़ती है तो लड़को की हाइट 12 से 16 साल में ज़्यादा ग्रोथ होती है।
ये पोषक तत्व हाइट बढ़ाने में सहयोगी
बच्चों की हाइट बढ़ाने के लिए ये पोषक तत्व जरूरी हैं। मांसपेशियों के निर्माण में प्रोटीन सहायक होता है। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है। विटामिन डी से कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। हॉर्मोन बैलेंस और हड्डियों की ग्रोथ के लिए जिंक और मैग्नीशियम बहुत जरूरी है। आयरन की कमी शरीर में कई बीमारियों को दावत देता है । इसलिए भरपूर मात्रा में आयरन से संबंधित पोषक तत्व लेना चाहिए, जो खून बनाने और ऊर्जा के लिए जरूरी।
इन फूड्स को करें हेल्दी डाइट में शामिल
बच्चे की हाइट बढ़ाने के लिए उसकी डाइट में कुछ खास पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। इन फूड्स में आप अपने बच्चे को अंडा, दूध, दाल, पनीर, चिकन, सोया, दही, पनीर, पालक, तिल, नट्स, दालें, हरी सब्जियां, नट्स, साबुत अनाज, आयरन, हरी सब्जियां, गुड़, अनार और चुकंदर खिलाएं। सिर्फ डाइट ही नहीं, बच्चों को रोजाना फिजिकल एक्टिविटी भी करनी चाहिए। इसमें आउटडोर गेम्स, साइकलिंग, तैराकी या योग को शामिल करें।