बोस्टन में होने वाले फ्रांस और मोरक्को के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए FIFA ने पहली बार पूरे मैच की ऑफिशिएटिंग टीम एक ही देश अर्जेंटीना से चुनी है। मुख्य रेफरी समेत सभी सहायक अधिकारी अर्जेंटीना के हैं। इस फैसले के बाद कई फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसकी एक वजह 2022 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच बनी प्रतिद्वंद्विता भी मानी जा रही है।
पहले भी VAR पर उठ चुके हैं सवाल
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अर्जेंटीना और मिस्र के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में VAR के कुछ फैसलों को लेकर विवाद हुआ था। मिस्र की ओर से रेफरिंग पर सवाल उठाए गए थे। ऐसे माहौल में अर्जेंटीना की पूरी रेफरी टीम की नियुक्ति ने बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि FIFA ने इस फैसले पर कोई अलग सफाई नहीं दी है।
फ्रांस और मोरक्को ने क्या कहा?
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने कहा कि उनकी टीम का मुकाबला रेफरी से नहीं बल्कि मोरक्को से है और उन्हें अधिकारियों पर भरोसा है। वहीं फ्रांस के रिजर्व गोलकीपर रॉबिन रिसर ने भी कहा कि अगर रेफरी इस स्तर पर नियुक्त किए गए हैं तो वे योग्य हैं। दूसरी ओर मोरक्को के कोच ने भी किसी तरह की चिंता जताने से इनकार करते हुए कहा कि अनुभवी रेफरी ही बड़े मुकाबलों के लिए चुने जाते हैं।
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मैच से पहले बढ़ा रोमांच
फ्रांस और मोरक्को के बीच यह मुकाबला वैसे भी खास माना जा रहा है। 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को हराकर उसकी ऐतिहासिक यात्रा रोकी थी। अब मोरक्को के पास उस हार का हिसाब बराबर करने का मौका है। हालांकि मुकाबला शुरू होने से पहले खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा रेफरी चयन की हो रही है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मैच के दौरान रेफरी का प्रदर्शन इस विवाद को शांत करता है या फिर नई बहस को जन्म देता है।