फीफा वर्ल्ड कप 2026 का 23वां संस्करण 11 जून से 19 जुलाई के बीच खेला जाएगा। इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है। पहली बार फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी तीन देश मिलकर करेंगे। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त रूप से इस बड़े आयोजन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले सिर्फ 2002 में जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त मेजबानी की थी।
पहली बार 48 टीमें उतरेंगी
इस बार फीफा ने टूर्नामेंट का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां 32 टीमें हिस्सा लेती थीं, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 48 कर दी गई है। इसी वजह से मुकाबलों की संख्या भी 64 से बढ़कर 104 हो गई है। सभी टीमों को 12 समूहों में बांटा जाएगा और मैच तीनों देशों के कुल 16 शहरों में खेले जाएंगे।
भारत में प्रसारण पर सस्पेंस
विश्व कप शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में अभी तक प्रसारण अधिकारों को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फीफा की बड़ी आर्थिक मांग के कारण बातचीत अटकी हुई है। ऐसे में भारतीय दर्शकों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि आखिर मुकाबले किस मंच पर देखे जाएंगे।
मेसी और रोनाल्डो पर नजर
इस बार का टूर्नामेंट इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि फुटबॉल के दो सबसे बड़े नाम आखिरी बार विश्व कप में दिखाई दे सकते हैं। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को लेकर माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक पांच-पांच विश्व कप खेले हैं।
छठे विश्व कप की तैयारी
अगर मेसी और रोनाल्डो अंतिम टीम में जगह बनाते हैं तो यह उनके करियर का छठा विश्व कप होगा। दोनों खिलाड़ियों ने 2006 से लगातार हर विश्व कप में हिस्सा लिया है। ऐसे में उनके प्रशंसकों के लिए यह टूर्नामेंट भावनात्मक भी रहने वाला है क्योंकि फुटबॉल का एक बड़ा दौर यहां समाप्त होता दिखाई दे सकता है।
इसे भी पढ़ें : टेस्ट टीम में होगी Shreyas की वापसी, नंबर-5 पर मिल सकता है भारत को नया हथियार
इतिहास रचने को तैयार मंच
फीफा वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं बल्कि रिकॉर्ड और बदलावों का महोत्सव बनने जा रहा है। नई टीमों की एंट्री, नए शहरों का अनुभव और दिग्गज खिलाड़ियों की विदाई इसे ऐतिहासिक बना सकती है। अब दुनिया की नजर इस सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर टिक चुकी है।