दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट फीफा मेंस वर्ल्ड कप 2026 अब शुरू होने जा रहा है। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार 48 टीमें इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगी। इसके साथ ही फीफा ने कई नए नियम भी लागू किए हैं, जिनका मकसद खेल को ज्यादा पारदर्शी, अनुशासित और निष्पक्ष बनाना है। इन नियमों का असर खिलाड़ियों से लेकर टीम प्रबंधन तक सभी पर देखने को मिलेगा।
मुंह छिपाकर बात करने पर सख्ती
नए नियमों में सबसे ज्यादा चर्चा उस नियम की हो रही है जिसमें खिलाड़ियों को हाथ से मुंह ढंककर बात करने पर रोक लगाई गई है। अक्सर खिलाड़ी मैदान पर रणनीति या निजी बातचीत के दौरान मुंह छिपा लेते थे, लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। यदि कोई खिलाड़ी ऐसा करते हुए पकड़ा गया तो उसे सीधे रेड कार्ड दिखाया जा सकता है। फीफा का मानना है कि इससे खेल में पारदर्शिता बढ़ेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी।
वीएआर को मिले ज्यादा अधिकार
वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी वीएआर की भूमिका भी पहले से ज्यादा मजबूत कर दी गई है। अब गेंद खेल में आने से पहले हुए फाउल की भी समीक्षा की जा सकेगी। इसके अलावा यदि रेफरी गलती से गलत कॉर्नर किक दे देता है या किसी खिलाड़ी को दूसरा येलो कार्ड दिखाने में गलती होती है तो वीएआर हस्तक्षेप कर फैसला बदल सकेगा। इससे रेफरी की मानवीय गलतियों को कम करने में मदद मिलेगी।
समय बर्बाद करने पर तुरंत कार्रवाई
फीफा ने समय बर्बाद करने की आदत पर भी सख्ती दिखाई है। थ्रो-इन, गोल किक और अन्य रीस्टार्ट स्थितियों में अब केवल 5 सेकेंड का समय मिलेगा। तय समय के भीतर गेंद खेल में नहीं लाई गई तो विरोधी टीम को फायदा मिलेगा। इसी तरह खिलाड़ी बदलाव की प्रक्रिया भी केवल 10 सेकेंड में पूरी करनी होगी। देरी होने पर टीम को कुछ समय तक एक खिलाड़ी कम लेकर खेलना पड़ सकता है।
मैदान छोड़ने और चोट के नियम बदले
अगर कोई टीम रेफरी के फैसले के विरोध में मैदान छोड़ती है तो पूरी टीम को सामूहिक सजा के तौर पर रेड कार्ड दिया जा सकता है। वहीं किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उसे मैदान पर लौटने से पहले कम से कम एक मिनट बाहर रहना होगा। इससे बार-बार चोट का बहाना बनाकर खेल रोकने की कोशिशों पर रोक लगेगी। गोलकीपर के इलाज के दौरान भी खिलाड़ियों को कोचिंग स्टाफ से अतिरिक्त निर्देश लेने की अनुमति नहीं होगी।
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ऐतिहासिक टूर्नामेंट पर दुनिया की नजर
48 टीमों की भागीदारी और नए नियमों के कारण फीफा वर्ल्ड कप 2026 पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक माना जा रहा है। फुटबॉल प्रशंसकों को उम्मीद है कि ये बदलाव खेल को और तेज, निष्पक्ष और मनोरंजक बनाएंगे। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि मैदान पर ये नए नियम किस तरह असर दिखाते हैं और कौन सी टीम इतिहास रचती है।