इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। पूरी सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी की रही, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा भी रहा जिसने गेंद से मैच का रुख बदल दिया। यह खिलाड़ी थे नीतीश कुमार रेड्डी। उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से अफगान बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।
पहले मैच के बाद बदली कहानी
सीरीज के पहले मुकाबले में नीतीश रेड्डी कुछ खास असर नहीं छोड़ पाए थे। उनकी गेंदबाजी महंगी साबित हुई थी और अफगान बल्लेबाजों ने उन पर खुलकर रन बनाए। लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। दूसरे और तीसरे टी20 में उन्होंने 3-3 विकेट लेकर दिखा दिया कि मुश्किल हालात में वापसी कैसे की जाती है।
6 विकेट के साथ बने नंबर-1 गेंदबाज
तीन मैचों की इस सीरीज में नीतीश रेड्डी ने कुल 6 विकेट हासिल किए। यही वजह रही कि वह दोनों टीमों के गेंदबाजों में सबसे ऊपर रहे। उनकी गेंदबाजी में सिर्फ विकेट ही नहीं थे, बल्कि सही समय पर मिले विकेट भी शामिल थे, जिसने अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को बार-बार झटका दिया।
पहली ही गेंद पर चार बार किया शिकार
नीतीश रेड्डी का सबसे बड़ा कमाल उनकी नई ओवर की शुरुआत रही। उन्होंने सीरीज में 9 ओवर फेंके और इनमें से 4 बार अपने ओवर की पहली ही गेंद पर विकेट झटका। किसी भी गेंदबाज के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती है क्योंकि पहली गेंद पर विकेट मिलना सीधे बल्लेबाजी टीम पर दबाव बना देता है।
बाकी गेंदबाज रहे काफी पीछे
पूरी सीरीज में दोनों टीमों के गेंदबाजों को मिलाकर कुल 8 बार ओवर की पहली गेंद पर विकेट मिला। इनमें से आधे यानी 4 विकेट अकेले नीतीश रेड्डी ने लिए। यह आंकड़ा बताता है कि नई ओवर की शुरुआत में विकेट लेने के मामले में उनका कोई मुकाबला नहीं था। बाकी गेंदबाज इस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच सके।
भविष्य के लिए मजबूत दावा
अभिषेक शर्मा ने बल्ले से सुर्खियां बटोरीं, लेकिन नीतीश रेड्डी ने गेंद से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। लगातार विकेट लेने की उनकी क्षमता और दबाव के समय प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि वह इंडियन टीम के लिए अहम ऑलराउंडर बनते जा रहे हैं। अफगानिस्तान सीरीज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नीतीश सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी से भी मैच जिता सकते हैं।