FIR Against SP Leader: मुरादाबाद के राजकीय सर्किट हाउस परिसर में सार्वजनिक रास्ते पर नमाज अदा करने के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि 3 सितंबर को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के प्रवास के दौरान सर्किट हाउस के मुख्य मार्ग पर वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित किया गया और उसी के पीछे नमाज पढ़ी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। बाद में वीडियो हटा दिया गया, लेकिन तब तक मामला प्रशासन और राजनीतिक दलों तक पहुंच चुका था।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ केस
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अवर अभियंता और सर्किट हाउस प्रभारी अनित कुमार की लिखित शिकायत पर मझोला थाने की पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 4 सितंबर की रात एफआईआर दर्ज की गई। हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 और 292 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सौरभ कुमार को सौंपी गई है।
रास्ता रोकने का लगाया गया आरोप
शिकायत में कहा गया है कि 3 और 4 सितंबर को विधान परिषद के नेता लाल बिहारी यादव के प्रवास के लिए सर्किट हाउस के कुछ कमरे आरक्षित किए गए थे। उनके कार्यक्रम के कारण परिसर में लोगों की मौजूदगी थी। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर चार पहिया वाहन खड़ा होने से लोगों के आने-जाने में बाधा पहुंचने का आरोप लगाया गया। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
VHP ने सपा पर बोला हमला
मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक निशाना साधा है। VHP की केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. राजकमल गुप्ता ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले यह घटना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने सरकारी परिसर में सार्वजनिक आवागमन बाधित करके धार्मिक गतिविधि किए जाने पर सवाल उठाए। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।
सपा नेता की पहचान को लेकर भी चर्चा
हाजी मोहम्मद उस्मान मुरादाबाद क्षेत्र में मुस्लिम विद्वान के तौर पर भी जाने जाते हैं और समाजवादी पार्टी में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह बिलारी से सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम के चाचा बताए जाते हैं। उनके बयानों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। इस बार सर्किट हाउस परिसर में नमाज और उससे जुड़े वायरल वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।