ओमान सागर में एक मालवाहक जहाज में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के कोस्ट गार्ड ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और जहाज पर सवार चालक दल के सभी 22 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बचाए गए सभी लोगों की हालत स्थिर बताई गई है।
अमीरात समाचार एजेंसी (डब्ल्यूएएम) ने रविवार को यूएई नेशनल गार्ड के हवाले से इस घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज में आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। बचाए गए सभी 22 क्रू सदस्य अरब देशों के नागरिक बताए गए हैं। उन्हें घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
डिस्ट्रेस कॉल मिलते ही शुरू हुआ बचाव अभियान
यूएई कोस्ट गार्ड को मालवाहक जहाज से संकट संदेश यानी डिस्ट्रेस कॉल मिला था। इसमें जहाज पर आग लगने और तत्काल मदद की जरूरत की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज में आग किस वजह से लगी। आग से मालवाहक जहाज को कितना नुकसान पहुंचा है, इस बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में आग लगने का दावा
ओमान सागर में मालवाहक जहाज में आग लगने की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने रविवार तड़के दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से कथित तौर पर अनधिकृत रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए। इसके बाद दोनों जहाजों में आग लग गई।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार प्लेटफॉर्म सेपाह न्यूज पर जारी बयान के अनुसार, एक तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में नौसैनिक सुरंग से टकराया, जबकि दूसरा जलमार्ग पार करते समय इसकी चपेट में आ गया। ईरानी नौसेना ने दावा किया कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और जीपीएस सिस्टम बंद कर रखे थे। विस्फोट के बाद उनमें आग लग गई।
आईआरजीसी ने इस घटनाक्रम के बाद चेतावनी भी जारी की। उसने कहा कि अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करने और ईरान के नियमों की अनदेखी कर जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित या अनधिकृत क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाज नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आ सकते हैं।
अमेरिकी सेना ने मालवाहक जहाज को किया निष्क्रिय
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी गल्फ ऑफ ओमान में एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिकी सेना ने कई बार चेतावनी देने के बावजूद नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे जहाज को निष्क्रिय कर दिया।
अमेरिकी कमांड के मुताबिक, सेंट किट्स के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'एम/वी हुदा' के पिछले हिस्से को सैन्य विमान से सटीक निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद जहाज काम करने की स्थिति में नहीं रहा। सेंटकॉम ने दावा किया कि हमले से पहले जहाज के नागरिक चालक दल को निशाना बनाए जाने वाले हिस्से को खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह जहाज एक ईरानी बंदरगाह पर जाने के बाद क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। चालक दल ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और ईरान के खिलाफ लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास किया।
खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
ओमान सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामने आ रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और ऊर्जा कारोबार गुजरता है। ऐसे में यहां सैन्य गतिविधियों, बारूदी सुरंगों और जहाजों पर हमलों की खबरें वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल ओमान सागर में आग लगने वाले मालवाहक जहाज की स्थिति और हादसे के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।