भोपाल। मध्य प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार मानसून सत्र में फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने जा रही है। नए कानून में कड़े प्रावधान होंगे। सतपुड़ा भवन में आग की घटना के बाद तैयार किए गए इस एक्ट का मसौदा अब विधानसभा पटल पर आएगा। इसमें भवन मालिकों के लिए अनिवार्य अग्नि सुरक्षा इंतजाम, नियम तोड़ने पर 10 हजार का जुर्माना और सजा तक का प्रावधान शामिल है। इससे राज्य में फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूती मिलेगी।
एक्ट से बदलेगा फायर सेफ्टी का पूरा सेटअप
प्रदेश में अब तक राष्ट्रीय भवन संहिता, नगरीय निकाय अधिनियम 1956 और नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत ही अग्नि सुरक्षा संबंधी कार्रवाई होती रही है। लेकिन अब एक स्वतंत्र और सशक्त फायर सेफ्टी एक्ट लाकर इसे मजबूती देने की तैयारी है।
सतपुड़ा कांड के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट
राजधानी भोपाल स्थित सतपुड़ा भवन में लगी आग के बाद राज्य सरकार ने फायर सेफ्टी एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कराया था। हालांकि इसे अब तक लागू नहीं किया गया था। अब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
कड़े नियम, सख्त सजा
नए कानून के तहत भवन मालिकों को अपनी इमारतों में आग से सुरक्षा के सभी इंतजाम करना अनिवार्य होगा। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही सजा का भी प्रावधान रहेगा।
28 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से 8 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस दौरान करीब 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र में सरकार फायर सेफ्टी एक्ट के अलावा पहला अनुपूरक बजट भी पेश करेगी।