प्रयागराज में पटाखा कारोबार के नाम पर 100 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले कादिर ने शुक्रवार को जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। कोर्ट नंबर 9 में पेश होकर उसने आत्मसमर्पण की अर्जी दी, जिसके बाद अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। उसे नैनी सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। कादिर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह वह गुपचुप तरीके से अपने वकीलों के साथ प्रयागराज जिला न्यायालय पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।
कादिर पर शाहगंज सहित प्रयागराज के कई थानों में ठगी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, उसने पटाखा कारोबार के नाम पर निवेशकों से 100 करोड़ रुपये जुटाए और मुनाफे का लालच देकर रकम हड़प ली। कादिर ने वर्षों तक पटाखा व्यापार में सक्रिय रहकर शहर में नेटवर्क बनाया था। वह स्थानीय व्यापारियों और निवेशकों से घनिष्ठ संबंध रखता था। शुरुआती दिनों में छोटे निवेशकों को भुगतान करके उसने भरोसा जीता, लेकिन जैसे-जैसे रकम बढ़ती गई, उसने पैसे लौटाने बंद कर दिए और फरार हो गया।
फरारी के दौरान प्रयागराज पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी रहीं, लेकिन वह बार-बार ठिकाना बदलता रहा। पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्यौरा भी इकट्ठा किया है। सरेंडर के बाद अब पुलिस उसके नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी है। डीसीपी सिटी मनीष सांडिल्य ने बताया कि कादिर से पूछताछ के लिए जल्द ही अदालत में रिमांड की अर्जी दी जाएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि ठगी की रकम कहां निवेश की गई और किन लोगों ने इसमें साथ दिया। जिन्होंने भी उसके ठगी के नेटवर्क को बड़ा करने में मदद की है उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से कर दिया था इनकार
पटाखा कारोबारी और 100 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी कादिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। निवेशकों का सौ करोड़ से अधिक रुपये हजम करने वाली फ्रीचार्ज पेएलएलपी फर्म से जुड़े मोहम्मद कादिर के खिलाफ जांच में सहयोग का भी आरोप लगा था। यह आदेश जस्टिस जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने दिया था। कोर्ट ने कहा कि याची विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है। ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है और कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई है। निवेशकों ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि याची के कहने पर फर्म में पैसा जमा किया था। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत नहीं मंजूर की जा सकती। डीसीपी सिटी मनीष सांडिल्य ने बताया कि प्रयागराज के शाहगंज थाने में मोहम्मद कादिर के खिलाफ निवेशकों से पैसा जमा कराने व हजम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज है।