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ग्रेटर नोएडा के जाने-माने बिमटेक कॉलेज के आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल में हुई गोलीबारी की घटना अब भी एक अनसुलझा रहस्य बनी हुई है। इस घटना में दो पीजीडीएम छात्रों, दीपक कुमार और देवांश चौहान, की मौत हो गई थी, लेकिन नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि गोली पहले किसने चलाई थी। पुलिस कमरे के अंदर के हालातों को देखकर केवल अनुमान लगा रही है, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या का मामला था या आत्महत्या का।
हॉस्टल की सुरक्षा में गंभीर चूक
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को हॉस्टल प्रबंधन की कई बड़ी लापरवाहियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि सामान की जाँच का अभाव: हॉस्टल के प्रवेश द्वार पर छात्रों के सामान की कोई उचित जाँच नहीं की जाती थी, जिसके कारण रिवाल्वर जैसी खतरनाक वस्तु हॉस्टल के अंदर लाई जा सकी।
कम कैमरों का इस्तेमाल
हॉस्टल की गैलरी में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी चूक मानी जा रही है।m पुलिस का कहना है कि अगर इन लापरवाहियों के लिए हॉस्टल प्रबंधन दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्र के परिजनों को नोटिस
जांच के अगले चरण में, पुलिस उस छात्र के परिजनों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी, जो रिवाल्वर हॉस्टल में लेकर आया था। पुलिस को उम्मीद है कि परिजनों से पूछताछ के बाद इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है, जिससे गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी।