amarnath yatra 2025: अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार बाबा बर्फानी के प्रथम दर्शन अमरनाथ की पवित्र गुफा में हो चुके हैं। गुफा के भीतर बर्फ से स्वयंभू रूप में बने शिवलिंग के दर्शन ने आस्था से जुड़ी भावनाओं को एक बार फिर जीवंत कर दिया है। भक्तों का मानना है कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट होते हैं और इनका दर्शन करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
जानें यात्रा का शेड्यूल
अधिकारियों के मुताबिक, इस बार अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी। 62 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खास इंतजाम किए हैं।
दर्शन के लिए पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु
बाबा बर्फानी की यह पवित्र गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा तय करके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के लिए बालटाल और पहलगाम – दो मुख्य मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस बार भी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, हेलीकॉप्टर सेवा, और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया गया है।
नियम फॅालो करना जरूरी
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही मौसम और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को समय-समय पर दी जाती रहेगी।
भक्तों को 29 जून का इंतजार
पहाड़ों के बीच स्थित यह गुफा हर साल सावन महीने में भक्तों के लिए खोली जाती है। बाबा बर्फानी के प्रथम दर्शन होने के बाद अब श्रद्धालु बेसब्री से 29 जून का इंतजार कर रहे हैं, जब औपचारिक रूप से यात्रा शुरू होगी। आस्था, भक्ति और कठिन तपस्या की यह यात्रा हर शिवभक्त के लिए विशेष महत्व रखती है।