Ankit Sharma Murder Case: दिल्ली के वर्ष 2020 के दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि यह बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला अपराध था। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने घटना की क्रूरता पर टिप्पणी की और कहा कि अपराध को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, वह अत्यंत गंभीर श्रेणी का है।
कोर्ट ने अपराध को बताया बेहद गंभीर
सजा सुनाने से पहले अदालत ने कहा कि अंकित शर्मा की हत्या अत्यंत निर्ममता के साथ की गई। कोर्ट के अनुसार, घटना के बाद शव के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया। अदालत ने कहा कि इस वारदात ने समाज को गहरा झटका दिया और ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।
मौत की सजा की मांग कर रही थी दिल्ली पुलिस
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और मृतक के परिवार ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का बताते हुए कहा था कि पीड़ित पर बेहद बर्बर हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, अंकित शर्मा के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले थे और घटना के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया था।
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दोषियों को पहले ही ठहराया जा चुका था दोषी
अदालत ने 13 जुलाई 2026 को ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को हत्या और अन्य आरोपों में दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा पर बहस पूरी होने के बाद अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के दिन अदालत परिसर में सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
बचाव पक्ष ने किया था फांसी की मांग का विरोध
सजा पर बहस के दौरान ताहिर हुसैन के वकील ने फांसी की सजा दिए जाने का विरोध किया था। बचाव पक्ष का कहना था कि केवल चोटों की संख्या के आधार पर किसी मामले को मौत की सजा के योग्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने का फैसला सुनाया।