भारत की रक्षा ताकत में एक और बड़ा इजाफा होने वाला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने 5 तेजस MK1A फाइटर जेट तैयार कर लिए हैं, जो जल्द ही भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे। ये जेट 2200 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ सकते हैं और ब्रह्मोस मिसाइल से लैस हैं। इन विमानों की खासियत है कि 65% स्वदेशी तकनीक से बने है। इनमें अधिकांश पार्ट्स भारतीय कंपनियों ने तैयार किए हैं। इसमें एडवांस्ड रडार और हथियार सिस्टम मौजूद है। इसमें AESA रडार और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे हथियार होंगे। यह हवा से हवा, हवा से जमीन, और सटीक निर्देशित हथियार ले जा सकता है। इन जेट्स की डिलीवरी मार्च के अंत तक हो पाएगी। तेजस MK1A भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
MK1A एक 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है
तेजस MK1A एक 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो राफेल, F-16 और JF-17 जैसे विमानों की तुलना में कुछ अलग खासियत रखते हैं। तेजस MK1A की तुलना में राफेल अधिक शक्तिशाली और महंगा है, लेकिन तेजस MK1A की लागत-प्रभावशीलता इसे एक अच्छा विकल्प बनाती है। तेजस MK1A की तुलना में F-16 अधिक अनुभवी है, लेकिन तेजस MK1A की आधुनिक एवियोनिक्स और रडार सिस्टम इसे एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनाते हैं।
वहीं तेजस MK1A की तुलना में JF-17 कम शक्तिशाली है, लेकिन इसकी कम लागत इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती है।
तेजस MK1A की कुछ खासियतें हैं
इसमें इज़राइली AESA रडार है, जो इसे बेहतर लक्ष्य पहचान और ट्रैकिंग क्षमता प्रदान करता है। इसमें अस्त्र, डर्बी और ब्रह्मोस-NG जैसे हथियार हैं। ये इसे एक शक्तिशाली फाइटर जेट बनाते हैं। इन विमानों में 43% स्वदेशी तकनीक है, जो इसे भारतीय वायुसेना के लिए एक अच्छा विकल्प बनाती है।
तेजस MK1A भारतीय वायुसेना में अहम भूमिका निभाएगा
तेजस MK1A अपनी एडवांस्ड रडार और हथियार सिस्टम के साथ भारतीय वायुसेना की एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करेगा। इसमें ब्रह्मोस-NG और अस्त्र जैसे हथियार हैं, जो इसे जमीन पर हमले के लिए उपयुक्त बनाते हैं। इसकी एडवांस्ड रडार और सेंसर सिस्टम इसे निगरानी और सुरक्षा मिशनों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। तेजस MK1A का उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए भी किया जा सकता है।