Nepal Flesh : नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के खतरे के बीच बिहार में एक बार फिर बाढ़ की आशंका बढ़ गई है. नेपाल से आने वाले पानी का असर उत्तर बिहार की नदियों पर दिखाई दे रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी के बहाव में बढ़ोतरी दर्ज होने के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी है.
वाल्मीकिनगर बैराज पर बढ़ा पानी का दबाव
शनिवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव देखा गया. सुबह के समय पानी का प्रवाह लगातार बढ़ा और बाद में इसमें कुछ कमी दर्ज की गई। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें बैराज तथा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
डुमरिया घाट में खतरे के निशान से ऊपर गंडक
पूर्वी चंपारण के डुमरिया घाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. रिपोर्ट के अनुसार यहां नदी का जलस्तर 62.57 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 62.22 मीटर है. इस बढ़ोतरी के बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
इन जिलों में विशेष निगरानी
नेपाल से आने वाले पानी को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में प्रशासन अलर्ट पर है. नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में लोगों को माइकिंग के जरिए जानकारी दी जा रही है. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी रखी गई है.
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रमुख तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों को दिन-रात स्थिति पर नजर रखने और किसी भी तरह की परेशानी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को भी मजबूत किया जा रहा है.
सरकार ने लोगों से सतर्क रहने को कहा
राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. वाल्मीकिनगर गंडक बैराज का निरीक्षण कर हालात का जायजा भी लिया गया है. प्रशासन का जोर इस बात पर है कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
अभी घबराने की नहीं, सावधानी की जरूरत
नेपाल में संभावित फ्लैश फ्लड का असर बिहार की नदियों पर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन पहले से तैयारी में जुटा है. गंडक के जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने और अनावश्यक रूप से निचले इलाकों में जाने से बचने की जरूरत है.