ई-कॉमर्स सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रमुख ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट ने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। जानकारी के अनुसार यह फैसला कंपनी के सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद लिया गया। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 300 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
वर्कफोर्स का एक हिस्सा हुआ प्रभावित
कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 20000 बताई जाती है। हाल ही में हुई छंटनी का असर लगभग डेढ़ प्रतिशत कर्मचारियों पर पड़ा है। जिन लोगों को नौकरी से हटाया गया है, वे अलग-अलग विभागों से जुड़े थे। इनमें इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस और मार्केटिंग जैसे विभाग शामिल बताए जा रहे हैं।
परफॉर्मेंस समीक्षा से जुड़ा फैसला
कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह कदम परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रक्रिया का हिस्सा है। इस प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों के काम की समीक्षा की जाती है। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं होता, उन्हें आम तौर पर कंपनी से बाहर जाने के लिए कहा जाता है।
ये भी पढ़ें : बिजली बिल से राहत की नई योजना, BPL परिवारों को छत पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का मौका, जानिए आवेदन की आसान प्रक्रिया
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी की है। इससे पहले भी सालाना समीक्षा के दौरान कर्मचारियों को हटाया गया था। पिछले साल की शुरुआत में भी कंपनी ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर किया था। उस समय भी इसे परफॉर्मेंस रिव्यू प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया था।
आईपीओ की तैयारी में कंपनी
छंटनी ऐसे समय में हुई है जब कंपनी अपने भविष्य की बड़ी योजना पर काम कर रही है। कंपनी भारत में सार्वजनिक सूचीबद्ध होने की संभावना तलाश रही है। इसके लिए कई निवेश बैंकों के साथ बातचीत भी शुरू की गई है। हालांकि यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में बताई जा रही है।
खर्च कम करने पर कंपनी का ध्यान
जानकारों का कहना है कि कंपनी इस समय खर्च कम करने और कामकाज को अधिक कुशल बनाने पर ध्यान दे रही है। हाल के वर्षों में कंपनी ने नई भर्ती पर भी काफी हद तक रोक लगा रखी है। इसके अलावा कंपनी अपने संचालन ढांचे में भी बदलाव कर रही है ताकि भविष्य में कारोबार को और मजबूत बनाया जा सके।