कुशीनगर। नेपाल में त्रिशूली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उत्तर प्रदेश और बिहार में बहने वाली गंडक यानी नारायणी नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। रविवार को कुशीनगर में नदी से चार और शव बरामद हुए। इसके साथ 26 अगस्त से अब तक नेपाल से बहकर आए 11 शव मिल चुके हैं। इनमें तीन महिलाएं, एक बच्ची और सात पुरुष बताए गए हैं। प्रशासन ने सभी शवों को सुरक्षित रखवाकर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की बाढ़ संबंधी चेतावनी के बाद नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। वाल्मीकिनगर बैराज से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन तटवर्ती गांवों में लगातार निगरानी कर रहा है।
रविवार को मिले चार शवों में एक महिला, एक बच्ची और दो पुरुष शामिल हैं। एक अन्य शव भी पानी में दिखाई दिया, लेकिन तेज धारा के कारण बचाव दल उसे बाहर नहीं निकाल सका। इससे पहले 26 अगस्त को तीन, 27 अगस्त को एक तथा 29 अगस्त को तीन शव मिले थे।
संभावित बाढ़ को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर तटवर्ती आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और तत्काल राहत-बचाव शुरू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।