Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह घने कोहरे ने भीषण सड़क हादसों को जन्म दिया। फरीदाबाद और नूंह जिलों में हुए अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दृश्यता बेहद कम होने के कारण तेज रफ्तार वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। हादसों के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात लंबे समय तक बाधित रहा। मृतकों में एक सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर भी शामिल है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
VIDEO | Nuh, Haryana: Dense fog on the Delhi–Mumbai Expressway leads to multiple vehicle collisions, leaving two people dead and several others injured as visibility dropped sharply.#Nuh #DenseFog #RoadAccident
— Press Trust of India (@PTI_News) December 15, 2025
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फरीदाबाद और नूंह में अलग-अलग हादसे
फरीदाबाद के कैल गांव के पास घने कोहरे के कारण दो अलग-अलग दुर्घटनाएं हुईं। एक हादसे में फोर्ड एंडेवर कार सड़क किनारे खड़े कैंटर से जा टकराई, जिसमें कार सवार दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं नूंह जिले में सुबह करीब चार बजे राजस्थान से दिल्ली की ओर जा रहे वाहनों का बड़ा काफिला कोहरे की चपेट में आ गया। देखते ही देखते करीब 30 वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण हादसे में दो लोगों की जान चली गई और 10 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें मांडिखेड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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कोहरा बना हादसों की बड़ी वजह
पुलिस के अनुसार, हादसों की मुख्य वजह घना कोहरा और कम दृश्यता रही। मृतकों की पहचान अलवर निवासी सीआईएसएफ सब इंस्पेक्टर हरीश कुमार और जयपुर निवासी कारोबारी खलील अहमद के रूप में हुई है। कुछ भारी वाहन पलटने के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं, फॉग लाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।