NEET Controversy: NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। सरकार ने एजेंसी में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इन नियुक्तियों को कैबिनेट की नियुक्ति समिति की स्वीकृति मिलने के बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने आदेश जारी किया। माना जा रहा है कि यह कदम NTA की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दो संयुक्त सचिवों की नियुक्ति
नई नियुक्तियों में अनुजा बापट और रुचिता विज को NTA में संयुक्त सचिव बनाया गया है। अनुजा बापट भारतीय सांख्यिकीय सेवा की 1998 बैच की अधिकारी हैं, जबकि रुचिता विज भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की 2004 बैच की अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों की नियुक्ति पांच साल के कार्यकाल के लिए की गई है। वे उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्य करेंगी।
जॉइंट डायरेक्टर पद पर भी बदलाव
केंद्र सरकार ने आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को NTA में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया है। आकाश जैन 2013 बैच के IRS (इनकम टैक्स) अधिकारी हैं और उनका कार्यकाल दिसंबर 2029 तक रहेगा। वहीं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया भारतीय ऑडिट एवं अकाउंट्स सेवा के 2013 बैच के अधिकारी हैं, जिनका कार्यकाल मई 2028 तक तय किया गया है।
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ACC और DOPT ने जारी किए आदेश
इन सभी नियुक्तियों को अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट की मंजूरी मिली है। नियुक्ति संबंधी आदेश DOPT की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश की प्रतियां उच्च शिक्षा विभाग, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कैबिनेट सचिवालय सहित कई विभागों को भेजी गई हैं।
परीक्षा प्रणाली पर बढ़ी निगरानी
NTA देश में NEET, JEE समेत कई बड़े प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। हाल के समय में NEET पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।