Food Run Clubs : सुबह 5 बजे उठकर दौड़ना बहुत से लोगों को मुश्किल लगता है, लेकिन अब कुछ लोगों के लिए दौड़ने की वजह सिर्फ फिटनेस नहीं है। देश के अलग-अलग शहरों में ऐसे रन क्लब सामने आ रहे हैं, जहां दौड़ के बाद कचौड़ी, तिरामिसु, आइसक्रीम या दूसरे पसंदीदा खाने का मजा भी मिलता है। इस वजह से सामान्य रन को एक मजेदार सामाजिक अनुभव में बदला जा रहा है।
कचौड़ी से लेकर तिरामिसु तक
इस नए अंदाज में हर जगह का तरीका थोड़ा अलग है। बीकानेर रन क्लब की कचौड़ी रन सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही। वहीं बेंगलुरु में एक रन क्लब में लोग कई किलोमीटर दौड़ते हुए अलग-अलग बेकरी पर रुकते हैं और वहां के खास खाने का थोड़ा-थोड़ा स्वाद लेते हैं। हैदराबाद में तिरामिसु और आइसक्रीम को लेकर भी ऐसे रन आयोजित किए गए हैं।
सिर्फ दौड़ना ही मकसद नहीं
इन रन क्लब का एक बड़ा मकसद लोगों को आपस में जोड़ना भी है। यहां आने वाले लोग साथ दौड़ते हैं, बातचीत करते हैं और नए लोगों से मिलते हैं। दिल्ली में भी सुबह के रन क्लब अब दौड़ के बाद नाश्ते और कैफे मिलने-जुलने जैसी गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। यानी दौड़ एक अकेली एक्सरसाइज न रहकर दोस्तों और नए लोगों के साथ समय बिताने का तरीका भी बन रही है।
सोशल मीडिया ने बढ़ाई लोकप्रियता
फूड रन का एक बड़ा आकर्षण सोशल मीडिया भी है। सामान्य रन की तुलना में कचौड़ी, आइसक्रीम या तिरामिसु के साथ दौड़ते लोगों की तस्वीरें और वीडियो ज्यादा अलग नजर आते हैं। ऐसे वीडियो लोगों की जिज्ञासा बढ़ाते हैं और कुछ लोग सिर्फ इस अनोखे अनुभव के लिए रन क्लब में शामिल होने पहुंच जाते हैं।
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फिटनेस के साथ खाने में रखें संतुलन
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि दौड़ने के बाद जितना चाहें उतना तला या मीठा खाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार दौड़ते समय भारी, ज्यादा तेल या चीनी वाला खाना पेट में परेशानी, गैस या एसिडिटी जैसी दिक्कत पैदा कर सकता है। खासकर दौड़ते हुए खाना खाते समय सावधानी जरूरी है। इसलिए ऐसे रन का मुख्य मकसद मजा और लोगों को सक्रिय बनाना है, न कि ज्यादा खाने को फिटनेस का हिस्सा मानना।