लखनऊ में साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह 'अन्ना रेड्डी' नामक फर्जी गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों से ठगी कर रहा था. पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 15 शातिर सदस्य गिरफ्तार हुए हैं.
गेमिंग ऐप के जरिए ठगी
गिरोह ने 'अन्ना रेड्डी' नाम के गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी और निवेश के नाम पर लालच दिया. शुरुआत में छोटे-मोटे मुनाफे दिखाकर लोगों का विश्वास जीता गया, लेकिन बाद में बड़े निवेश पर उनके खाते ब्लॉक कर दिए गए. इससे पीड़ित न तो अपना पैसा निकाल पाए और न ही मुनाफा प्राप्त कर सके. पुलिस ने दावा किया है कि गिरोह ने सैकड़ों लोगों से करीब 25 करोड़ रुपये की ठगी की है.
गिरोह का नेटवर्क विदेशों तक
गिरोह का नेटवर्क श्रीलंका, सिंगापुर, और दुबई तक फैला हुआ था. इसका मास्टरमाइंड विशाल यादव उर्फ गन्नी उर्फ प्रिंस है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. गिरोह के सदस्य फर्जी सिम कार्ड, बैंक खातों, और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते थे ताकि लेनदेन को ट्रेस करना मुश्किल हो.
आरोपियों से पुलिस को क्या क्या हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 70 मोबाइल फोन, 115 एटीएम कार्ड, 38 सिम कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, चेकबुक, और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में 12 बिहार के, एक लखीमपुर, एक देवरिया, और एक भोपाल का रहने वाला है. सभी आरोपियों की उम्र 19 से 29 साल के बीच है.
200 से ज्यादा शिकायतें
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ पूरे देश से 200 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश शिकायतें दक्षिण भारत से प्राप्त हुई थीं. यह गिरोह विशेष रूप से दक्षिण भारत के नागरिकों को अपना निशाना बनाता था., ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड, बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जाता था, ताकि लेनदेन को ट्रेस करना मुश्किल हो सके. ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था. हर बार इस प्रोसेस के बाद डिवाइस और लोकेशन बदल दी जाती थी.
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
11 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पीजीआई थाना क्षेत्र के शामिया मेल रोड स्थित एक अपार्टमेंट के ए-टावर के फ्लैट नंबर 1105 में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं. इसके बाद साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल, और पीजीआई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 15 जालसाजों को गिरफ्तार किया.