MP Assembly : मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को वन अधिकार पट्टों का मुद्दा गरमाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासियों को पट्टे न मिलने का मामला उठाया और तकनीकी संसाधनों के सही उपयोग पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार आदिवासियों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के समय किसी भी आदिवासी का आवास छीना जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
AI और सैटेलाइट तकनीक के उपयोग की मांग
सदन में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2005 के बाद से आदिवासियों को पट्टे नहीं मिले हैं और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर उन्हें भ्रमित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल कर 2005 की स्थिति का आकलन किया जाए।
सरकार का जवाब- तकनीक से तय होगा कब्जा
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने सदन में जानकारी दी कि सैटेलाइट इमेज सार्वजनिक डोमेन में डाली जा रही हैं। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि वर्ष 2005 में किस आदिवासी का किस जमीन पर वास्तविक कब्जा था।
सीएम ने दिए अफसरों को निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में किसी भी आदिवासी से उसका आशियाना न छीना जाए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों की मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।