
Bulandshahr News: यूपी के बुलंदशहर जनपद की खुर्जा पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद हत्याकांड का खुलासा किया है। एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि दो लोगों के बीच चल रही मुकदमेबाजी को खत्म करने के लिए दो पक्षों के बीच 20 लाख रुपए में पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद ने फैसला कराया था, जिसकी रकम विनोद और एक अन्य के संयुक्त खाते में जमा की गई थी। मुकदमा खत्म होने से पहले ही फैसले की रकम न देने पर विनोद की हत्या की गई। ये खुलासा पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
लहूलुहान शव बरामद हुआ था
15 सितंबर को थाना खुर्जा नगर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम रामगढ़ी मे विनोद चौधरी पुत्र महेन्द्र सिहं की हत्या उनके ही घर में कर दी गई थी। लहूलुहान शव बरामद हुआ था। मृतक के भाई सुधीर कुमार ने दो हत्यारोपियों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी देहात ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकाश में आये जवाहर पुत्र पोप सिंह, विवेक पुत्र सुरेश निवासीगण ग्राम अहरौली थाना खुर्जा नगर के नामो की वृद्धि करते हुए दोनों को पुलिस टीम ने सौंदा हबीबपुर मोड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रुपये के लेनदेन का विवाद था
गिरफ्तार हत्याभियुक्तों से पूछताछ के बाद एसपी देहात ने बताया कि जवाहर व गजेन्द्र के मध्य रुपये के लेनदेन का विवाद था जिसमें दोनो पक्षो के बीच मुकदमेबाजी चल रही थी। पूर्व प्रमुख विनोद चौधरी द्वारा इन दोनो के बीच मध्यस्थता की गयी थी। मध्यस्थता के फलस्वरुप 20 लाख रुपये विनोद एवं विष्णु के संयुक्त खाते में जमा किये गये थे जिसमें तय हुआ था कि मुकदमेबाजी खत्म करने के बाद रुपये जवाहर को दे दिये जायेगे। लेकिन जवाहर रुपये मांग रहा था जिसे विनोद चौधरी द्वारा मना कर दिया गया कि जब तक दोनो पक्षो में चल रही मुकदमेबाजी खत्म नही होगी जब तक रुपये नही दिये जायेगे। इसी बात को लेकर दोनो में मनमुटाव बढ गया था। जवाहर द्वारा अपने पुत्र के साथ मिलकर विनोद चौधरी की हत्या की योजना बनायी गयी। योजनानुसार जवाहर व विवेक द्वारा विनोद हत्याकांड को अंजाम दिया गया।