CM Channi Embroiled in Goa: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी की मुश्किलें गोवा जमीन लीज मामले में बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में आगे की जांच और एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। आरोप है कि चन्नी के कार्यकाल में गोवा में स्थित पंजाब सरकार की करीब 8 एकड़ जमीन एक निजी फाइव स्टार होटल को बेहद कम दर पर लीज पर दी गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
लीज पर देने में नियमों पर सवाल
जानकारी के मुताबिक यह जमीन समुद्र किनारे प्राइम लोकेशन पर स्थित है और इसे मात्र एक लाख रुपये प्रति माह के किराये पर लीज पर दिया गया था। विपक्ष का आरोप है कि बाजार दर की तुलना में यह कीमत बेहद कम थी। यह फैसला चन्नी के मुख्यमंत्री रहते और संबंधित विभाग उनके पास होने के दौरान लिया गया था, जिससे अब इस पर सवाल उठ रहे हैं।
विजिलेंस की कार्रवाई तेज
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में शुरुआती जांच के बाद अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत औपचारिक जांच शुरू करने की मंजूरी मांगी है। इस प्रावधान के तहत किसी भी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की अनुमति जरूरी होती है। विजिलेंस ने जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटा लिए हैं।
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सरकार और विपक्ष आमने-सामने
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पहले ही इस लीज को रद्द कर चुकी है और जांच के आदेश दे चुकी है। वहीं कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से की जा रही है। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने इसे केंद्र एजेंसियों की तर्ज पर दबाव बनाने की कोशिश बताया है।
बढ़ा राजनीतिक तापमान
इस मामले ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है, खासकर चुनावों से पहले। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है। अब सरकार की मंजूरी के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और जांच तेज होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद और गहरा सकता है।