
उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक दिन पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी.सुदर्शन रेड्डी की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इसी बीच विभिन्न उच्च न्यायालयों के आठ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने सोमवार को खुला पत्र लिखकर इस मुलाकात पर आपत्ति जताई है।
पत्र में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने लिखा, यह जानकर निराशा होती है कि इंडिया गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने हाल ही में लालू प्रसाद यादव के साथ एक निजी बैठक की। लालू यादव चारा घोटाला मामले में दोषी हैं, जिसमें बिहार राज्य से लगभग 940 करोड़ रुपए के सरकारी धन का गबन शामिल है। इस परामर्श को चुनावी कारणों का हवाला देकर उचित नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि यादव न तो संसद सदस्य हैं और न ही वे उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में मतदान करने के पात्र हैं, इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि इस बैठक का कोई वैध राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने लिखा, रेड्डी जैसे कद के व्यक्ति, जो भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं और जिनकी महत्वाकांक्षा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक पर आसीन होने की है, के लिए इस तरह की संदिग्ध प्रकृति की नियुक्ति उनके निर्णय और औचित्य पर गंभीर प्रश्न उठाती है। यह विशेष रूप से चिंताजनक है कि अपनी विशिष्ट न्यायिक पृष्ठभूमि के बावजूद, रेड्डी स्वतंत्र रूप से एक ऐसे व्यक्ति से जुड़े हैं जिसके आपराधिक कृत्यों की पुष्टि भारतीय न्यायालयों द्वारा की जा चुकी है। समान रूप से चौंकाने वाली बात कुछ गुटों की चुप्पी है, जो आमतौर पर मामूली आरोपों पर भी भड़क उठते हैं।