नेपाल चुनाव में एक नई पार्टी को बड़ी जीत मिली है। बदलाव की बयार में पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली भी काठमांडू के पूर्व मेयर ने करीब 50 हजार मतों से मात दे दी। इस दौरान पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा ने बदलते परिदृश्य पर अपने विचार रखे हैं। सत्ता पर काबिज दल को भारत को ध्यान में रख विदेश नीति में बदलाव की सलाह दी है।
मौजूदा संविधान में बदलाव की जरूरत
देउबा के अनुसार, सत्ता पर काबिज होने वाली सरकार को विदेश नीति में कुछ बदलाव करने को तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा, नए राजनीतिक दल, आरएसपी को मौजूदा संविधान में बदलाव करने पर विचार करने की जरूरत है। विदेशी मामलों से जुड़े कुछ प्रावधान पुराने हो चुके हैं। एक बार संविधान में बदलाव हो जाने के बाद, आरएसपी सरकार को राष्ट्रीय हित के आधार पर विदेश नीति अपनानी होगी।
भारत से जुड़े हितों पर ध्यान देना होगा
फिर भारत को ध्यान में रखने की सलाह देते हुए कहा, हमारा भूगोल एक दूसरे से मिलता है, सीमाएं मिलती हैं, अर्थव्यवस्था भी एक सी ही है, और हम सांस्कृतिक तौर पर भी जुड़े हैं। लेकिन हमारा संविधान पाकिस्तान और भारत से एक जैसे रिश्ते रखने को कहता है। हमें उनसे भी अच्छे से संबंध रखने हैं। ऐसा वामपंथी विचारधारा के चलते हुआ है। भारत से जुड़े हितों पर ध्यान देना होगा।
नेपाल के पास अपनी पेट्रोलियम रिफाइनरी नहीं
भारत पर निर्भरता को लेकर आगे बोले, हमारी एनर्जी सिक्योरिटी काफी हद तक भारत पर निर्भर है। नेपाल के पास अपनी पेट्रोलियम रिफाइनरी नहीं है। हमारे पास एलएनजी या एलपीजी पाइपलाइन सिस्टम नहीं है-इसलिए हम ईंधन और गैस के लिए पूरी तरह से भारतीय सप्लाई चैनल पर निर्भर हैं. हमें उम्मीद है कि भारत अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को अच्छे से मैनेज करता रहेगा।