मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के किला मोहल्ला निवासी सोनू कश्यप की 05 जनवरी को मेरठ। जनपद के सरधना थाना क्षेत्र के ग्राम ज्वालागढ़ में हुई निर्मम हत्या का मामला शांत नहीं हो रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान को पुलिस ने ज्वालागढ़ जाने से रोक दिया वहीं मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी उन्हें किला मोहल्ला में मृतक के घर नहीं जाने दिया। डॉ॰ संजीव बालियान ने मृतक के परिजन से मिलकर अपनी ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने मेरठ पुलिस के बजाय इस घटना की उच्च स्तरीय जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की मांग भी की।
बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान मेरठ जनपद के सरधना थाना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ़ में जाने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें वहाँ जाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने मृतक की माँ और बहनों को दादरी गांव में बुलाकर एक स्थान पर उनसे मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद मृतक सोनू कश्यप की मां और बहन डॉ संजीव बाल्यान के साथ ही मुजफ्फरनगर तक आई। जब वह पीड़ित परिवार को उनके घर छोड़ने के लिए जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें मृतक के घर किला मोहल्ला जाने से रोक दिया। उन्होंने घर से पहले ही एक मंदिर में परिवार के लोगों को अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी।
सोनू कश्यप हत्याकांड के बारे में बातचीत करते हुए डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सरधना पुलिस ने एक नाबालिग को इस नृशंस हत्याकांड में गिरफ्तार किया है। परिवार के लोगों का थाना पुलिस की जांच में जब विश्वास नहीं है तो इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा वह अपने स्तर से भी लखनऊ में सम्पर्क करेंगे।