
आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती समस्या को लेकर देशभर में तीन साल से आंदोलन चला रहे लोक अभियान के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शुक्रवार को नोएडा मीडिया क्लब में आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान फेडरेशन ऑफ नोएडा रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) और दिल्ली डिस्ट्रिक्ट रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (डीडीआरडब्ल्यूए) के पदाधिकारी तथा विभिन्न आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में विजय गोयल ने कहा कि कुछ डॉग लवर्स की वजह से आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हर शहर में रोजाना सैकड़ों मामले आवारा कुत्तों के काटने के सामने आते हैं। गोयल ने बताया कि देशभर में 12 करोड़ से अधिक कुत्ते हैं और भारत कुत्तों की संख्या में सबसे आगे है। यहां कुत्ते काटने के मामले सबसे ज्यादा हैं, रेबीज के शिकार सबसे अधिक होते हैं और रेबीज की वैक्सीन की बिक्री भी सबसे ज्यादा है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इनकी सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं।गोयल ने कहा कि अमेरिका, सिंगापुर, चीन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, थाईलैंड जैसे देशों में सड़कों पर एक भी आवारा कुत्ता नजर नहीं आता, क्योंकि वहां सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाना अवैध है। पेटा जैसी संस्था, जो अमेरिका से चलती है, भारत में तो कुत्तों को सड़कों पर रहने की वकालत करती है, लेकिन अमेरिका में ऐसा नहीं करती।
गोयल ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया दो महत्वपूर्ण आदेशों का जिक्र किया और कहा कि इनका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है कि प्रमुख सचिव अमृत अभिजात द्वारा जारी सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करता है। इससे आवारा कुत्तों की समस्या हल नहीं होगी, बल्कि सभी क्षेत्रों में झगड़े और बढ़ जाएंगे।गोयल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का पहला आदेश है कि आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खाना नहीं डाला जा सकेगा। सोसाइटी, अपार्टमेंट्स और सड़कों जैसे आवाजाही वाले क्षेत्रों में डॉग फीडिंग प्रतिबंधित है। स्थानीय निकाय और प्रशासन को आबादी से दूर एक निश्चित स्थान बनाना होगा, जहां केवल डॉग फीडिंग की जा सकेगी और यह स्थान केवल प्रशासन तय करेगा।
दूसरा आदेश है कि काटने वाले, आतंकित या आक्रामक कुत्तों को छोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें हमेशा के लिए बाड़े में बंद किया जाएगा।विजय गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का सर्कुलर इन दोनों सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करता है, जिसमें भारी कन्फ्यूजन है। इससे आरडब्ल्यूए और नागरिकों को कोई राहत नहीं मिलेगी।
सीएम योगी को लिखा पत्र
गोयल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस सर्कुलर को तुरंत सुधारने का निवेदन किया है। वे सुप्रीम कोर्ट में भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखेंगे। गोयल ने बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पशु प्रेम में कोई कमी नहीं है और उन्होंने कभी कुत्तों या उन्हें खिलाने वालों के बारे में अपशब्द नहीं कहा। हम सब पशु प्रेमी हैं, लेकिन मानव जीवन बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ लोग मानव जीवन से ज्यादा आवारा कुत्तों के काटने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो गलत है।इस अवसर पर फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, विजय भाटी, सुशील यादव, विनोद शर्मा, उमाशंकर शर्मा, पवन यादव, प्रदीप वोहरा, संजय चौहान, अशोक कुमार मिश्रा, राजेश सिंह, अशोक कुमार शर्मा, भूषण शर्मा, लटसाहब लोहिया, कोशिंद्र यादव, गोपाल शर्मा डीडीआर डबल्यू ए के अध्यक्ष एन पी सिंह, गाजियाबाद से कर्नल तेजेन्द्र पाल सिंह त्यागी आदि उपस्थित थे।