Former vice president location: देश की राजनीति में इस समय एक चिट्ठी ने हलचल मचा दी है। एक वरिष्ठ नेता ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपति की वर्तमान स्थिति और स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि उनके अचानक इस्तीफे के बाद से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, न ही उनसे संपर्क स्थापित हो पाया है। नेता ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए हैबियस कॉर्पस याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
विपक्ष का सीधा वार
पत्र लिखने वाले सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर पूर्व उपराष्ट्रपति की स्थिति को लेकर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि जनता को सच बताना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसा लगता है जैसे किसी बड़े सच को छुपाया जा रहा है।
पत्र में उठाए गए सवाल
वरिष्ठ सांसद ने गृह मंत्री को भेजे पत्र में पूछा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति इस समय कहां हैं और उनका स्वास्थ्य कैसा है। उनका कहना है कि संसद के कई सदस्यों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे। पत्र में यह भी लिखा गया है कि जनता को उनके बारे में सही जानकारी मिलनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
पत्र में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द जवाब नहीं मिला, तो सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की जाएगी। नेता ने यह कदम उठाने से पहले गृह मंत्री से औपचारिक जानकारी मांगना उचित समझा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार पूर्व उपराष्ट्रपति के पते, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर पारदर्शिता दिखाएगी।
इस्तीफे के बाद से बढ़ी अटकलें
पूर्व उपराष्ट्रपति ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया था। इसके बाद से उनके इस्तीफे को लेकर तमाम राजनीतिक कयास लगाए गए, लेकिन अब तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मानसून सत्र शुरू होने के दिन ही उनके पद छोड़ने ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।